बहादुरगढ़। गेट-वे ऑफ हरियाणा के नाम से मशहूर बहादुरगढ़ को मार्च 2022 में आए बजट में प्रदेश सरकार की ओर से दिव्य नगर बनाए जाने की घोषणा की गई थी। इस योजना के तहत बहादुरगढ़ में इलेक्ट्रिक बसें, चौक-चौराहों के सुंदरीकरण के अलावा अन्य कई कार्य होने थे, लेकिन फिलहाल यह योजना घोषणा बनकर रह गई है। डेढ़ साल पहले नगर परिषद की ओर से भी इस दिशा में काम शुरू किया गया, लेकिन आज तक वह सिरे नहीं चढ़ पाया है।
इस योजना पर 60 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार की ओर से वहन की जानी थी। जबकि 40 प्रतिशत खर्च नगर परिषद की ओर से किया जाना था। अभी यह योजना सिरे चढ़ते नजर नहीं आ रही है। योजना को लेकर डेढ़ वर्ष पहले नगर परिषद में अधिकारियों की मीटिंग भी हुई, लेकिन धरातल पर काम शुरू नहीं हो पाया।
प्रथम चरण में शहर को हरा-भरा बनाने के लिए योजना बनाई गई, लेकिन किसी दिशा में कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया।
प्रदेश सरकार की ओर से 8 मार्च 2022 को बजट में घोषित की गई दिव्य नगर योजना में बहादुरगढ़ शहर को शामिल किया था। शहर में हर तरह के पर्यटन स्थल विकसित किए जाने थे। शहर में वाटिका क्लस्टर, ऑक्सीवन, पार्क, हरित स्थल, सार्वजनिक पुस्तकालय, सांस्कृतिक केंद्र, खेल सुविधा, रोड जंक्शन का वर्तमान स्थिति को देखते हुए ढांचागत विकास और शहर का सुंदरीकरण किया जाना था।
इन विकास कार्यों पर केंद्रित है योजना
-पर्यटक अवसंरचना
-खेल अवसंरचना का विकास
-सिटी पार्कों और ग्रीन स्पेस का विकास
-शहर का सुंदरीकरण, रोड जंक्शन का नया डिजाइन और सुंदरीकरण
-एकीकृत नियंत्रण और कमांड आधारित बुनियादी ढांचा
-ऊर्जा कुशल स्मार्ट स्ट्रीट लाइट सिस्टम
-आडिटोरियम, ओपन एयर थिएटर जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे का विकास
-परिषद प्रशासन में प्रौद्योगिकी आधारित हस्तक्षेप
इन बिंदुओं पर भी होना था काम
-स्वागत द्वार
-चौक-चौराहों का सुंदरीकरण
-इंडोर स्टेडियम
-वरिष्ठ नागरिक क्लब
-स्ट्रीट वेंडिंग जोन व पार्किंग
-मशीन से सफाई
-स्मार्ट एलईडी लाइट सिस्टम
-सोलर पावर प्लांट
-वेस्ट टू वंडर पार्क विकसित करना
-इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस और चार्जिंग स्टेशन
-इलेक्ट्रिक साइकिल स्टैंड विद चार्जिंग स्टेशन
नप अधिकारियों ने दिव्य नगर के लिए बनाई थी व्यापक योजना
बहादुरगढ़ में शहरीकरण को बढ़ावा देने और शहर को दिव्य नगर बनाने के लिए नगर परिषद अधिकारियों और चेयरपर्सन की ओर से कई बार मीटिंग जरूर की गई, लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। सड़क, गलियां, पार्क, ट्रांसपोर्ट, वाटर बॉडी व नगर परिषद की वित्तीय स्थिति समेत 11 बिंदुओं पर इस योजना के तहत काम किया जाना था। इसको लेकर वर्ष 2023 में जून के महीने में मीटिंग हुई थी। इस कार्य को एक साल में इस योजना के तहत काम करने थे, लेकिन काम पूरा होना तो दूर शुरू भी नहीं हो सके।
यह भी होने थे काम
दिव्य नगर योजना के तहत नप के अंतर्गत आने वाली शहर की सभी सड़कें स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस होना, 15 किलोमीटर नए वॉक-वे बनाए जाने, पांच नए अत्याधुनिक बस क्यू शेल्टर बनाने, यहां पर इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग की सुविधा करने, पांच नए कम्युनिटी सेंटर बनाने, पांच नए बिजली व गैस आधारित शवदाह गृह बनाने के अलावा कई तरह के ऐसे विकास कार्य होने थे।
बहादुरगढ़ को दिव्य नगर बनाने की दिशा में कई प्रोजेक्ट शुरू किए जाने हैं। इस बारे में अधिकारियों से बातचीत की जा रही है। जल्द ही इस योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। कार्यों को कराने के लिए तैयारी की जा रही है। प्रथम चरण में जो-जो काम होने हैं, उनको लेकर विचार-विमर्श किया गया है।
-संजय रोहिल्ला, ईओ, नगर परिषद बहादुरगढ़।