संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। हुडा कॉम्प्लेक्स स्थित जिला पुस्तकालय अब डिजिटल होने की राह पर है। यहां 53,312 पुस्तकों का विपुल भंडार है। इनमें से 25,000 किताबों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो चुका है। यह पूरा होते ही पढ़ने वाले घर बैठे यह पता लगा सकेंगे कि कौन-सी किताब लाइब्रेरी में उपलब्ध है, कौन-सी नहीं।
लाइब्रेरी के डीडीओ कम कंट्रोलर सुदेश खत्री बताते हैं कि रेडियो आइडेंटिफिकेशन तकनीक (आरएफआईडी) की मदद से लाइब्रेरी बहुत जल्द डिजिटल बन जाएगी। आरएफआईडी मशीन लगाकर 25,000 किताबों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है। शेष किताबें दर्ज होते ही डिजिटल सेवा शुरू हो जाएगी।
कंट्रोलर कहते हैं कि छात्रों की सुविधा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। जिला पुस्तकालय में एयर कंडीशनर (एसी) की सुविधा है ही। सिर्फ 500 रुपये में पंजीकरण करा सकते हैं। एक साल के बाद रुपये वापस भी ले सकते हैं।
लाइब्रेरी में छात्रों से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक आते हैं। छह माह से आ रहे वरिष्ठ नागरिक घनश्याम यहां के माहौल की तारीफ करते हैं। एक साल से सीईटी की तैयारी कर रहीं मनीषा व मुस्कान एसी की सुविधा से खुश हैं। वे कहती हैं, यहां आकर पढ़ने से गर्मी और उमस परेशान नहीं करती।
कोलकाता से आती हैं किताबें
इस लाइब्रेरी को राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन कोलकाता किताबें उपलब्ध कराता है। यहां एक समय में 70 छात्रों के बैठने की व्यवस्था है। पंजीकरण कराकर कोई भी किसी भी किताब को पढ़ने के लिए 14 दिन तक अपने पास रख सकते हैं। अपनी किताब लेकर आने वालों के लिए पंजीकरण जरूरी नहीं है।