कभी भाजपा के लिए मिलकर वोट मांगने वाले दो दिग्गज नेता मनीष ग्रोवर व बलराज कुंडू एक-दूसरे से अचानक खफा नहीं हुए हैं। विधानसभा चुनाव में कुंडू का टिकट कटने के साथ ही इस कलह की पटकथा लिखनी शुरू हो गई थी, जो अब बाहर आई है। जो आरोप कुंडू ने लगाए हैं, यह कोई नया मामला नहीं है। ये काम पूर्व भाजपा सरकार के समय के हैं। उस दौरान कुंडू जिला परिषद के चेयरमैन भी थे।
सूत्रों के अनुसार विधानसभा चुनाव में महम से बलराज कुंडू अपना टिकट पक्का मानकर चल रहे थे। यहां तक खुफिया विभाग से लेकर दूसरे स्रोत से भी भाजपा आलाकमान को रिपोर्ट थी कि कुंडू ने लंबे समय से हलके में काम किया है। उनकी जीत की संभावना ज्यादा है। कुंडू ने टिकट के लिए लामबंदी तेज थी, लेकिन उनको जिले के नेताओं का सहयोग नहीं मिला। कहा तो यहां तक गया था कि भाजपा के कुछ स्थानीय नेता कुंडू की बजाय शमशेर खरकड़ा को टिकट दिलाने के लिए अड़ गए। आखिरी क्षण में कुंडू का टिकट कट गया। तभी से कुंडू नाराज चल रहे थे। हालांकि वे निर्दलीय विधानसभा चुनाव जीत गए। चुनाव में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत न मिलने की स्थिति भी उनके लिए आदर्श बनकर आई, लेकिन भाजपा द्वारा जजपा से गठबंधन करने से निर्दलीय विधायकों को तव्वजो नहीं मिली। मंत्रिमंडल विस्तार में भी कुंडू को सरकार में जगह नहीं मिली। अब शुक्रवार सुबह उनको भनक लगी कि ग्रोवर को सरकार में अहम जिम्मेदारी देने की तैयारी चल रही है। तब उनका सब्र टूट गया और दोपहर बाद डेढ़ बजे आनन-फानन में प्रेसवार्ता बुलाकर ग्रोवर पर आरोपों की झड़ी लगा दी।
मीडिया के सवाल व कुंडू के यूं रहे जवाब
सवाल : अब तक आप क्यों चुप रहे?
जवाब : मैंने पहले भी सवाल उठाए थे, लेकिन मुझे गंभीरता से नहीं लिया गया। फिर विधानसभा में व्यस्त हो गया। बाद में सरकार का गठन आ गया। अब विदेश से लौटा हूं। सुबह पता चला कि ग्रोवर को सरकार नए साल का तोहफा देने जा रही है। ऐसे में मुझे से रहा नहीं गया।
सवाल : सड़क व पार्किंग निर्माण में आप करोड़ों के घोटाले के आरोप लगा रहे हैं, ग्रोवर के खिलाफ कोई सुबूत है?
जवाब : मैंने लगातार डीसी व निगम कमिश्नर से दोनों मामलों से जुड़ा रिकार्ड मांगा। तीन बार रिमाइंडर भेज चुका हूं, लेकिन रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। कुछ रिकार्ड मिल गया है। दबंग मंत्री अनिल विज पर पूरा भरोसा है। जैसे ही जांच शुरू होगी, सुबूत भी बाहर निकल आएंगे।
सवाल : कहीं ऐसा तो नहीं आप महम से टिकट कटने व मंत्री न बन पाने के लिए ग्रोवर को जिम्मेदार मानकर नाराज हैं?
जवाब : यह सच है कि अगर भाजपा मुझे महम से टिकट देती तो मेरी 50 हजार के अंतर से जीत होती, लेकिन मुझे पैर दबाने की आदत नहीं है। कुछ नेता नहीं चाहते थे कि उनको टिकट मिले। इसलिए मेरा टिकट कटवा दिया गया। ग्रोवर पहले मुझे विधायक नहीं देखना चाहते थे। अब अगर मेरी किस्मत में मंत्री बनना होगा तो कोई नहीं रोक सकेगा।
सवाल : आप एक तरफ सीएम मनोहर लाल को ईमानदार बता रहे हैं, दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर आलोचना कर रहे हैं?
जवाब : आज भी मैं कहता हूं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ईमानदार हैं, लेकिन हर चीज को उनको पता हो, यह संभव नहीं है। यह हो सकता है कि उनको गुमराह किया गया हो।
सवाल : प्रदेश सरकार ने अगर आपकी जांच की बात नहीं मानी तो क्या करेंगे?
जवाब : पहले तो गृहमंत्री अनिल विज को लिखित में शिकायत दूंगा। फिर विधानसभा में मामले को उठाऊंगा। फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो सरकार से समर्थन वापस ले सकता हूं। साथ ही अदालत में जांच की मांग को लेकर याचिका दाखिल करूंगा।
सवाल : कहीं पूर्व सीएम हुड्डा के इशारे पर तो नहीं आरोप लगा रहे?
जवाब : मैं ये मानता हूं कि ये मामले स्थानीय विधायक व कांग्रेस को उठाने चाहिए थे। चाहे मैं महम का विधायक हूं, लेकिन रोहतक शहर का नागरिक भी हूं। मैं किसी के इशारे नहीं, बल्कि अपने दम पर आवाज उठा रहा हूं।
सवाल : कहीं ऐसा तो नहीं, आपको सरकार में इन कामों के टेंडर नहीं मिले, इसलिए नाराज हैं?
जवाब : ये सब 40 से 50 करोड़ के टेंडर हैं, मेरी कंपनी 100 करोड़ से कम के टेंडर नहीं लेती। रिकार्ड निकाल कर देख लें।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला व पूर्व सीएम हुड्डा की तारीफ की
महम से विधायक बलराज कुंडू ने मीडिया के सामने कहा कि दुष्यंत चौटाला प्रदेश के एक उभरते हुए नेता हैं। राजकुमार गौतम प्रकरण जजपा का अंदरूनी मामला है, जिसे वे सुलझा लेंगे। साथ ही पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी पुराने नेता हैं। कुंडू ने यह भी कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है। अब तो पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला भी जेल से पैरोल पर बाहर आकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा की तारीफ कर रहे हैं।