रोहतक। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देने के मामले में तीन दिन बाद पुलिस के हाथ खाली हैं। पीड़ित एडीजीपी ममता सिंह से मिला। उन्हें प्रकरण से अवगत कराते हुए कहा कि अभी तक पुलिस ने सुरक्षा उपलब्ध नहीं करवाई है। अब तक की पुलिस कार्रवाई से वह संतुष्ट नहीं है। इस कारण गृहमंत्री अमित शाह से मिलने के लिए समय मांगा है। उधर, अर्बन एस्टेट प्रभारी थाना प्रहलाद सिंह का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं। अभी कोई सुराग नहीं लग सका है।
सेक्टर-एक निवासी दलजीत सिंह ने अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी थी कि घर के गेट के पास एक लिफाफा पड़ा मिला। उसमें एक कागज का टुकड़ा था, जिस पर लिखा था कि किसान का बेटा होकर मोदी की तारीफ करता है। दलजीत मलिक सब बंद कर दे, वरना अच्छा नहीं होगा। 50 लाख भेज देना। पत्र के ऊपर लॉरेंस बिश्नोई गैंग लिखा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसकी किसी व्यक्ति या गैंग से कोई दुश्मनी नहीं है। वह एक संगठन के प्रधान भी हैं।
एक माह में दूसरी बार नाम आया लॉरेंस बिश्नोई गैंग का
फरवरी माह में दूसरी बार लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है। माह के प्रथम सप्ताह में आईएमटी स्थित ट्रक यूनियन के प्रधान बलियाना निवासी जितेंद्र ने शिकायत दी थी कि उसके पास पंजाब की फरीदकोट जेल से धमकी भरा फोन आया। यूनियन के कारोबार में हिस्सेदारी मांगी गई। मना करने पर यूनियन कार्यालय में अंधाधुंध फायरिंग करवा दी। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए बिश्नोई गैंग के गुर्गे सोनीपत निवासी मोनू डागर को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था, जो किसी अन्य मामले में पंजाब की फरीदकोट जेल में बंद है। खरावड़ व सांघी के छह अन्य युवकों को भी काबू किया गया था। प्रकरण में विदेश में रह रहे गोल्डी बराड़ भी नाम आया था, जिस पर आरोप है कि उसने हथियारों का प्रबंध कराया है।