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Rohtak News: दिव्यांग चारू ने समाज के तानों की तपिश में पकाए सपने

Thu, 16 Oct 2025 02:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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10-वि​धि रॉय। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रोहतक। हौसले बुलंद हों, मन में कुछ कर गुजरने की ललक तो मंजिलें खुद राह दिखाती हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है रेवाड़ी की दिवयांग चारू ने। समाज के लोग कहते थे कि तुम चलने-फिरने में असक्षम हों तो शोध कैसे कर पाओगी? यह तुमसे नहीं होगा लेकिन उसने हार नहीं मानी। उसने लोगों के इन तानों का सामना करते हुए पीएचडी कर न केवल अपने नाम के साथ डॉक्टर जोड़ लिया बल्कि आलोचकों को भी करारा जवाब दे दिया।
डिग्री मिलने के बाद चारू ने कहा, यह सिर्फ मेरी नहीं, उन सभी दिव्यांग लोगों की जीत है जिन्हें समाज बार-बार कमजोर समझता रहा। चारू ने बताया, एमडीयू और अन्य विश्वविद्यालयों में भी फॉर्म भरे। हर जगह दिव्यांगता के कारण उसका हौसला तोड़ दिया जाता। इंटरव्यू में कहा जाता कि आप बच्चों को कैसे पढ़ा सकती हैं?
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यह सब सुनकर उसे काफी पीड़ा होती लेकिन उसने हार नहीं मानी। बड़े भाई के साथ बुधवार को बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय में पीएचडी की डिग्री लेने आईं चारू डिग्री पाकर भावुक हो उठीं।
वर्ष 2019 में उन्हें बाबा मस्तनाथ विवि में दाखिला मिला और यहां से पीएचडी पूरी की। शारीरिक सीमाएं नहीं, मेरी योग्यता ही मेरी पहचान हैं। कहा, इस यात्रा में परिवार का बड़ा योगदान रहा। बड़े भाई, भाभी और पूरे परिवार ने उसका हौसला नहीं डिगने दिया। उनके सहारे ही वह इस मुकाम तक पहुंच पाई।
जिस कॉलेज से एमए की, अब वहीं पर पढ़ा रही
चारू ने शिक्षा यात्रा 2001 में पटौदी से बीए ऑनर्स के साथ शुरू की थी। 2010 में उन्होंने रेवाड़ी के आरडीएस कॉलेज से एमए की। 10 वर्ष से इसी कॉलेज में अध्यापन कर रही हैं। बच्चों को कोचिंग भी दे रही हैं।

मैंने एमए (इंग्लिश पत्रकारिता) में 88 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया है। अब एक्स पीडी डिवीजन विदेश मंत्रालय में कार्यरत हूं।
- अंकित सिंह, फरमाणा
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एमए (बायोटेक्नोलॉजी) में 77.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया है। आगे में पीएचडी में प्रवेश लेना चाहती हूं। भविष्य में प्रोफेसर बनने का लक्ष्य है।
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- विधि राय, छात्रा, एमए
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मैंने एमए (फार्मास्यूटिकल्स) में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया है और आगे रिसर्च करना चाहती हूं। पीएचडी में प्रवेश लेने की इच्छुक हूं।
- रीतिका, रेवाड़ी

10-विधि रॉय। संवाद

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