बहादुरगढ़। हिंद केसरी सोनू अखाड़े की उभरती पहलवान दीक्षा ने देश का गौरव फिर से बढ़ाने का काम किया है। दीक्षा ने किर्गिस्तान में चल रही एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में दीक्षा ने दूसरी बार देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है।
गांव मांडौठी की महज 14 साल की पहलवान दीक्षा लड़कों के साथ अपनी कुश्ती की प्रेक्टिस करती है। अर्जुन अवाॅर्डी धर्मेंद्र पहलवान की देखरेख में दीक्षा लगातार अपनी तैयारियों को मजबूत कर रही है।
दीक्षा के इस सफर में उसका सबसे बड़ा साथी उसके दादा हैं, जो हर रोज सुबह और शाम को दीक्षा को लेकर अखाड़े में आते हैं और अपनी बेटी के खान-पान और प्रेक्टिस का पूरा ख्याल रखते हैं। दीक्षा का कहना है कि उसका सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है और उसी स्तर की तैयारी में वो अभी से जुटी हुई है।
दीक्षा ने किर्गिस्तान में 7 जुलाई तक आयोजित हुई स्पर्धा में 5 कुश्तियां लड़ीं और पांचों में जीत हासिल की। फाइनल मुकाबले में दीक्षा ने कजाकिस्तान की पहलवान को 11-0 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल कर भारत का मान बढ़ाया। हिंद केसरी सोनू अखाड़े में पहुंचने पर साथी पहलवानों, कोच और अभिभावकों ने विजेता पहलवान दीक्षा का जोरदार अभिनंदन किया।
अर्जुन अवाॅर्डी पहलवान और कोच ओमबीर ने बताया कि दीक्षा अभी जूनियर ग्रुप की पहलवान है लेकिन उसकी तैयारी सीनियर लेवल की है। सीनियर लेवल पर आने के बाद दीक्षा जरूर देश के लिए ओलंपिक खेलेगी और पदक भी हासिल करेगी। दीक्षा अपनी पढ़ाई के साथ साथ पहलवानी करती है। अपने से बड़े उम्र के पहलवानों के साथ कुश्ती लड़ती है।
इसी जुझारूपन से उसमें भविष्य के ओलंपिक मेडलिस्ट की काबिलियत झलकती है। दीक्षा के स्वागत के लिए हिंद केसरी सोनू पहलवान, सुधीर कोच, रिंकू कोच, अनुराग कोच, सेठी पहलवान, मुकेश, कृष्ण, भारत केसरी काला पहलवान, बिल्लू ठेकेदार, रामकिशन जाखोदा, संजय रुहिल, राहुल फिजियो, पवन जाखौदा आदि मौजूद रहे।