रोहतक। श्रीमद्भागवत कथा में वर्णित महर्षि गोकर्ण के पवित्र सरोवर में इस साल भी भक्त गणपति की प्रतिमा विसर्जित कर सकेंगे। इसकी अनुमति बाबा लक्ष्मणपुरी डेरा के महामंडलेश्वर कपिलपुरी ने एसडीएम राकेश कुमार के आग्रह पर दे दी है। अनुमति के पहले दिन दोपहर तक 12 से अधिक भक्तों ने धूमधाम से गणपति की प्रतिमाओं का विसर्जन किया और सरोवर तट पर भजन गए और झूमे।
गणपति महोत्सव समापन की ओर है और सभी गणेश भक्तों के लिए सबसे बड़ी समस्या है कि वह गणपति की प्रतिमा का विसर्जन कहां करें। नहरों पर प्रतिमा के विसर्जन पर रोक है। ऐसे में भक्तों के पास अपने गमलों में, जमीन में गड्ढे खोद कर व सरोवर आदि में ही विसर्जन करने का विकल्प है। गणपति महोत्सव कर रहे बड़े आयोजकों के लिए समस्या है कि वह तीन फुट से अधिक ऊंची प्रतिमा का कहां विसर्जन करें। क्योंकि गोकर्ण तीर्थ पर महज ढाई से तीन फुट पानी है, इसमें इस ऊंचाई की ही गणेश प्रतिमा विसर्जित की जा सकती है। बड़ी प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए भक्तों को दिल्ली, हरिद्वार या बाहर जाना पड़ सकता है। हालांकि कुछ भक्त चोरी छिपे नहरों में प्रतिमा विसर्जित करते रहते हैं।
गणपति सेवा समिति डीएलएफ ने किया था आग्रह
गणेश सेवा समिति डीएलएफ से भारत गिरधर, मोंटू बुद्धिराजा ने आग्रह किया था कि उन्हें गणेश प्रतिमा विसर्जित करने की अनुमति दी जाए। इस पर एसडीएम राकेश कुमार ने उपायुक्त को पत्र लिखा था और वैकल्पिक इंतजाम की बात रखने के साथ एंबुलेंस, दमकल की गाड़ी, पुलिस प्रबंध के लिए बात कही थी।
वर्जन-
गणपति जी व गणेश भक्तों का गोकर्ण सरोवर में स्वागत है। प्रशासन की ओर से एसडीएम राकेश कुमार ने गणेश प्रतिमा विसर्जन करवाने का आग्रह किया गया था, जिसे मान लिया गया है। सरोवर में पानी भी भरवा दिया गया है। व्यवस्था के लिए भक्त पहले आकर पंजीकरण करा लें ताकि एक साथ भीड़ न हो। गत वर्ष 1800 से अधिक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया था। इस साल पिछले साल की तुलना में कम भक्तों के आने की संभावना है।
- महामंडलेश्वर कपिलपुरी, गोकर्ण धाम एवं लक्ष्मणपुरी डेरा
नहर में गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन न करें। लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नहर की पटरी पर जाने पर पाबंदी है। भक्त गोकर्ण सरोवर पर जा कर गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन करें और महोत्सव मनाएं। प्रशासन की ओर से इसके लिए व्यवस्था कर दी गई है। विसर्जन के लिए जाते समय कोई हुड़दंग न मचाए और यातायात को बाधित न करें।
- राकेश कुमार, एसडीएम