44....झज्जर रोड स्थित निजी गार्डन में आयोजित शिव महापुराण कथा में झूमते श्रद्धालु। स्रोत:पाठक
रोहतक। झज्जर चुंगी स्थित निजी गार्डन में चल रही शिव महापुराण के पांचवें दिन भगवान शिव और पार्वती विवाह की कथा सुनाई गई। कथावाचक लक्ष्मण उपाध्याय ने बताया कि पर्वतराज हिमालय की तपस्या के बाद माता जगदंबा प्रकट हुईं। उन्होंने पर्वतराज को बेटी के रूप में उनके घर में अवतरित होने का वरदान दिया। इसके बाद माता पार्वती हिमालय के घर अवतरित हुईं। बड़े होने पर पर्वतराज को उनकी शादी की चिंता सताने लगी लेकिन माता बचपन से ही भगवान शिव की भक्त थीं। एक दिन पर्वतराज के घर महर्षि नारद पधारे और उन्होंने पर्वतराज को भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। नंदी पर सवार भोलेनाथ जब भूत-पिशाचों के साथ बरात लेकर माता पार्वती के घर पहुंचे तो उन्हें देखकर पर्वतराज और उनके परिजन अचंभित हो गए लेकिन माता पार्वती ने खुशी-खुशी महादेव को वर के रूप में स्वीकार किया।