फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विभाग का दावा : ब्लड स्लाइड बनाने के साथ क्षेत्र में कराई फॉगिंग

विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक। कोरोना वायरस और स्वाइन फ्लू के खतरे के बीच मच्छर जनित रोगों ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। जिले में डेंगू के बाद मलेरिया ने दस्तक दे दी है। पहला मलेरिया केस पटवापुर ढाणी में मिला है। इस केस के आसपास के इलाके में ब्लड स्लाइड बनाने के साथ फॉगिंग कराने का दावा किया गया है। फिलहाल विभाग का जिले को शून्य मलेरिया केस बनाने का प्रयास असफल होता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को जिले में रोजाना बड़ी संख्या में लार्वा मिलना भी चिंता का विषय है।
विज्ञापन

जिले में अब तक डेंगू के तीन मिल चुके हैं। मलेरिया का भी एक केस सामने आया है। लार्वारोधी गतिविधियां चलाने के बावजूद बड़े स्तर पर मच्छर का लार्वा पनप रहा है। विभाग की टीमें भी लार्वा मिलने पर बड़ी संख्या में लोगों को नोटिस जारी कर रही है। इसी कड़ी में मलेरिया इंस्पेक्टर पवन कुमार के देखरेख में शहर के झज्जर रोड, रेलवे रोड, पाड़ा मोहल्ला, संजय कॉलोनी, राजेंद्र कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, हाउसिंग बोर्ड, जवाहर नगर, सुभाष नगर, डीएलएफ, शुगर मिल कॉलोनी व अन्य इलाकों में जल स्रोतों की जांच की गई। यहां लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस जारी किया गया।
डेंगू के 17 संक्रमित केस मिले
जिले में डेंगू का खतरा बना हुआ है। शुक्रवार को विभाग ने 17 संक्रमित केस मिलने की पुष्टि की। इसके साथ जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 139 पहुंच गई। इनमें से दो मरीज अस्पतालों व शेष घरों में एकांतवास में रखे गए हैं। विभाग ने दिन भर में 51 मरीजों को ठीक होने पर छुट्टी दी। साथ ही 186 संभावित मरीजों के सैंपल लिए। जबकि 165 को अपनी रिपोर्ट का इंतजार रहा। महामारी की संक्रमण दर 0.09 प्रतिशत व सुधार की दर 97.76 प्रतिशत रही।
विज्ञापन

कोविड संक्रमण से बचाव के लिए अपनाए उपयुक्त व्यवहार
उपायुक्त ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रति लगातार सावधानी बरतने की जरूरत है। कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। रोजाना मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए नियमित रूप से सावधानी बरतने की जरूरत है। नागरिक अपने हाथों को साबुन और गर्म पानी या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर से अच्छी तरह धोएं। गले में खराश या खांसी से राहत पाने के लिए गर्म पानी या भाप से स्नान करें। अपने हाथों और उंगलियों को अपनी आंखों, नाक और मुंह से दूर रखें। अधिक मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करें। संक्रमित लोगों के संपर्क से बचें। अच्छी तरह पका हुआ भोजन का सेवन करें। खांसते या छींकते समय अपना मुंह ढक लें। लक्षण बने रहने पर डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।
मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
मच्छर जनित रोगों से बचाव संभव है। इसके लिए जागरूकता बेहतर कारगर हथियार है। इसलिए विभाग के कर्मचारी लोगों को मच्छर जनित रोगों के कारण व बचाव के उपाय सुझा रहे हैं। इसके तहत घर या आसपास पानी जमा न होने दें। इसके लिए साफ जरूर करें। पानी के स्रोतों का ढक कर रखें। कूलर को सप्ताह में एक दिन साफ जरूर करें। फ्रिज के पीछे की बॉक्स, वॉश बेसिन, रसोई की सिंक व अन्य जगहों पर सफाई जरूर करें। यहां पानी जमा न होने दें। गड्ढों या तालाबों में मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए इसमें काला तेल डालें। बचाव के ये उपाय हमें रोगों से बचाएंगे।
- डॉ. मंजू मेहरा, जिला मलेरिया अधिकारी।
वर्जन:
स्वास्थ्य विभाग मच्छर जनित रोगों को लेकर अलर्ट है। टीमें जागरूकता अभियान चलाने के साथ लार्वारोधी गतिविधियों का भी आयोजन कर रही हैं। मलेरिया का एक केस सामने आया है। संबंधित इलाके में फॉगिंग करा दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।
वर्जन:
कोरोना की संक्रमण दर कम होकर एक प्रतिशत से भी कम रह गई है। सुधार की दर 97.76 प्रतिशत हो गई है। कोविड-19 के 186 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। लैब की रिपोर्ट में से 17 व्यक्ति संक्रमित पाये गए हैं। वर्तमान में कोविड-19 के 139 सक्रिय मरीज हैं। सावधानी बरत कर हम इस संख्या को शून्य बना सकते हैं।
विज्ञापन

- कैप्टन मनोज कुमार, जिला उपायुक्त।
मलेरिया केसों का ब्योरा
वर्ष - केस
2022 - 01
2021 - 00
2020 - 06
2019 - 13
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें