डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है। जिले में अब तक मिले कुल 121 डेंगू केसों में से 69 महज पिछले छह दिन में सामने आए हैं। सोमवार को 16 केसों की पुष्टि हुई है। फिलहल मौसम मच्छरों के पनपने के अनुकूल बना हुआ है। ऐसे में यह स्थिति स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ाने वाली है।
जिले में मच्छर जनित रोगों ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। पिछले छह दिनों से औसतन 11 केस रोज मिल रहे हैं। इससे पहले यह आंकडा चार से छह के आसपास बना हुआ था। सोमवार को मिले 16 केसों में से 9 केस शहरी व शेष 7 केस ग्रामीण इलाके से हैं। शहर में गढ़ी मोहल्ला, जेपी कॉलोनी, शिवाजी कॉलोनी, जनता कॉलोनी, किला मोहल्ला में एक-एक, इंदिरा कॉलोनी में तीन केस मिले हैं। ग्रामीण क्षेत्र में समर गोपालपुर, आंवल, काहनौर, लाहली, धामड़, सुंदरपुर, पाकस्मा का एक-एक केस शामिल है।
सांगाहेडा सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका
जिले में कुछ इलाके डेंगू से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इसमें सांगाहेडा 14 केसों के साथ पहले नंबर पर है। इसके अलावा कलानौर सात, पिलाना छह, पाड़ा मोहल्ला पांच, खिडवाली, काहनौर चार-चार, टिटौली, अमृत कॉलोनी व इंदिरा कॉलोनी तीन-तीन केस मिले हैं। इन इलाकों को लेकर स्वास्थ्य विभाग गंभीर है। इसी कड़ी में यहां फोगिंग व जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासन की नाक के नीचे पनप रहे मच्छर
जिले में डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है। हाल यह है कि प्रशासन की नाक के नीचे मच्छर पनप रहे हैं। लघु सचिवालय परिसर स्थित सामुदायिक शौचालय के बाहर दूर तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है। यहां दिन भर मच्छर-मिक्खयां भिनभिनाती रहती हैं। जिले का ध्यान रखने वाला प्रशासन अपने ही कार्यालय के हालात से बेखबर बना हुआ है। यही नहीं, लघु सचिवालय के दुर्गंध फैलाते शौचालयों में भी कमोबेश यही आलम है। यहां से बाहर दूसरे सरकारी भवनों व गलियों में हुए जलभराव के कारण मच्छरों के प्रकोप का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है।
डेंगू केसों का ब्योरा
तिथि केस
21 अगस्त 16
20 अगस्त 09
19 अगस्त 11
18 अगस्त 08
17 अगस्त 12
16 अगस्त 13
डेंगू केस बढ़ रहे हैं। यह मौसम भी मच्छरों के अनुकूल है। बारिश के बाद जलभराव की स्थिति मच्छरों के पनपने में मददगार बनी हुई है। इसलिए हमें भी सतर्कता बरतनी होगी। साफ सफाई रखने के लिए घर या आसपास पानी जमा नहीं होने देना है। गड्ढों या जोहड़-तालाबों के पानी काला तेज जरूर डालें। घर कूलर साफ करके एक दिन ड्राय डे के रूप में मनाए। फ्रीज की ट्रे व वाशबेसिन साफ रखें। इन उपायों से काफी हद तक मच्छरों से बचा जा सकता है।
डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन।