जाट भवन में आयोजित बैठक में मौजूद किसान सभा के सदस्य। स्रोत : किसान सभा
रोहतक। दिल्ली रोड स्थित जाट भवन में शुक्रवार को किसान सभा की जिले के किसानों के साथ बैठक हुई। इसमें ड्रेन नंबर आठ में पानी ज्यादा छोड़ने व फसलों के मुआवजे और हाल में हुए नुकसान को लेकर विचार विमर्श किया गया। बैठक में लंबित मुद्दाें को लेकर उपायुक्त कार्यालय पर 10 अगस्त को प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। जिला प्रधान प्रीत सिंह ने बताया कि हाल की बारिश से बर्बाद फसलों के मुआवजे, जिले को बाढ़ग्रस्त घोषित करने, पानी की निकासी के कार्य को तेज करने, म्हारा गांव की तरफ से ड्रेन नंबर 8 के पानी को दूसरी तरफ डालने आदि समस्याओं को लेकर किसानों के साथ चर्चा की। किसान सभा जिला सचिव बलवान सिंह ने बताया की 25 जुलाई और उससे पहले आई भारी बारिश के चलते 50 से ज्यादा गावों की हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी हैं। अब भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जलभराव के चलते खेतों में लगे ट्यूबवेलों को भी काफी नुकसान हुआ है। किसान सभा राज्य महासचिव सुमित सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा हर साल किसानों पर कहर ढहा रही है। फसलें चौपट हो जाती हैं, नुकसान की भरपाई समय पर नहीं होती। पिछले साल का 24 करोड़ का मुआवजा आज तक पूरा वितरित नहीं हुआ। बीमा कंपनियां जलभराव का मुआवजा नहीं देती, रबी 2023 के नुकसान का मुआवजा और बीमा क्लेम भी आज तक नहीं मिला है। इससे किसानों में भारी आक्रोश है। बैठक में किसान सभा नूंह हिंसा मामले को लेकर लोगों से सामाजिक माहौल को खराब न होने देने और भाईचारा बनाएं रखने की अपील का प्रस्ताव पारित किया है।
यह रहे मौजूद
भारतीय किसान यूनियन जिला प्रधान रणधीर, राय सिंह नेहरा, रामकिशन नौनंद, राजेंद्र, राजकुमार, कृष्ण, प्रेम हुडा, नरेंद्र हुड्डा, कर्मबीर कान्ही, कामन सिंह, प्रदीप, सुभाष समचाना, सतपाल मोरखेड़ी, अशोक पंघाल, समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।