सोनीपत। लघु सचिवालय में किसानों ने भूख हड़ताल पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के समर्थन और एमएसपी को कानूनी गारंटी की मांग को लेकर धरना दिया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जुटे किसानों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। धरने के बाद विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने मांगों को लेकर तहसीलदार को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
कामरेड ईश्वर सिंह राठी ने कहा कि पिछले किसान आंदोलन के दौरान सरकार से तीन कृषि कानून वापस कराए थे। उस समय सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी की कमेटी बनाकर उसको लागू करने का आश्वासन दिया था। उसके बाद भी सरकार ने इस पर कोई कदम नहीं उठाया है। इससे खनौरी व शंभू बॉर्डर पर किसान डटे हुए हैं।
किसान नेता हंसराज राणा ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपति वर्ग के लिए काम रही है। उसका किसान हित से कोई लेना-देना नहीं है। आंदोलन से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। एमएसपी की मांग को लेकर पंजाब के किसान खनौरी और शंभू बॉर्डर पर कई माह से डटे हुए हैं। सरकार ने जब उनकी आवाज नहीं सुनी तो किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को भूख हड़ताल शुरू करनी पड़ी।
धरनास्थल पर ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन, अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय सान यूनियन टिकैत व किसान मजदूर पंचायत आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। धरने की अध्यक्षता वरिष्ठ सदस्य कामरेड श्रद्धानंद सोलंकी ने की। इस दौरान राजसिंह दलाल, ईश्वर सिंह दहिया, भगतसिंह, शीलकराम मलिक, हरिप्रकाश, देवेंद्र सिंह, दलबीर सिंह, कपिल देव, रणबीर, बलवान सिंह, राजेंद्र राठी, रामनिवास राणा, मेहर सिंह, जयकरण, बलबीर सिंह, सुरेश, राजवीर सिंह भी मौजूद रहे।