माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। सरकार की ओर से जीएमसी भिवानी व जीएमसी कोरियावास का शुभारंभ करने के लिए डीएमईआर (डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) ने पीजीआई से चिकित्सकों व अन्य स्टाफ के नाम मांगे हैं। संस्थान शुरू करने से पहले एनएमसी इन संस्थानों का निरीक्षण करेगी। एचएसएमटीए (हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन) ने इस पर आपत्ति जताते हुए कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा है। इसमें एनएमसी निरीक्षण के लिए मनमाने ढंग से संकाय व कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की कड़ी निंदा की है।
एसोसिएशन ने अपने ज्ञापन में कहा है कि डीएमईआर की ओर से एनएमसी निरीक्षण के उद्देश्य से जीएमसी भिवानी व जीएमसी कोरियावास में मौजूदा मेडिकल कॉलेजों से संकाय व कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति का पत्र जारी किया है। एसोसिएशन इसकी कड़ी निंदा करती है।
पीजीआई में चिकित्सकों की भारी कमी व बढ़ते कार्यभार के बावजूद, विभाग रोगी देखभाल, शिक्षण व प्रशिक्षण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव पर विचार किए बिना प्रतिनियुक्ति के लिए मनमाने आदेश जारी कर रहा है।
एसोसिएशन का अनुरोध है कि उच्च अधिकारियों तक हमारी बात पहुंचाई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पीजीआई से किसी भी संकाय सदस्य या कर्मचारी को जबरदस्ती प्रतिनियुक्त न दी जाए।
इसे गंभीरता से नहीं लिया गया तो एसोसिएशन न्याय व शैक्षणिक गरिमा के हित में विरोध के अन्य उपायों पर विचार करने के लिए विवश होगी। इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. लव शर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. विवेक मलिक, डाॅ. उमेश समेत अनेक चिकित्सक मौजूद रहे।