सांपला02...यूरिया खाद को ट्रैक्टर में भरते मजदूर । संवाद
सांपला। बारिश ने किसानों को एक बड़ी राहत दी है। गेहूं, सरसों, गोभी, मटर समेत कई फसलों की खेती कर रहे किसान करीब दो सप्ताह से बारिश के इंतजार में थे। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद अब किसान फसल के अच्छे उत्पादन के लिए यूरिया खाद के छिड़काव की तैयारियों में जुट गए हैं।
जिलों में किसान खाद के गोदामों , दुकानों और सोसाइटियों में खाद की खरीद करने पहुंच रहे हैं। दावा है कृषि विभाग के पास पर्याप्त खाद है। इस समय आठ हजार मीट्रिक टन यूरिया खाद है। रोहतक जिले में किसानों ने इस बार करीब एक लाख तीन हजार हेक्टेयर में बिजाई की हुई है।
कृषि विभाग के अनुसार प्रति एकड़ किसान को तीन बैग यूरिया की जरूरत होती है। किसान अधिक उत्पादन के चक्कर में 6 से 7 बैग प्रति एकड़ खाद डाल रहे हैं। यह फसल के लिए भी अच्छा नहीं है। अधिक खाद डालने से फसल में जल्दी बीमारी लगने की संभावना रहती है। किसान विभाग से मोहित कुमार ने बताया कि जिले में सीजन पर 40000 मीट्रिक टन खाद की जरूरत है। 35000 मीट्रिक टन खाद आ चुका है। जबकि शनिवार तक 8 हजार मीट्रिक टन खाद स्टाॅक था। नया रैक भी जल्द लगेगा। सभी केंद्रों पर खाद की कोई कमी नहीं है। कृषि विभाग से डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि जिले में अच्छी बारिश है। किसान अपनी गेहूं की फसल में ज्यादा पानी भरा तो अभी खाद न डालें।