रोहतक। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ में हुए तीन दिवसीय मेले में आए संत विकम दास का मंगलवार सुबह देहांत हो गया। सुबह लघुशंका से लौटते समय अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और दम तोड़ दिया। करीब चार बजे परिजन रोहतक पहुंचे और बिना पोस्टमार्टम करवाए शव मैनपुरी ले गए।
उत्तर प्रदेश के जिले मैनपुरी के विश्वा थाने के गांव रामनगर निवासी कुंवर सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके 70 वर्षीय पिता विकम दास 30 साल पहले साधु बन गए थे। घर पर कम और साधु संतों के साथ ज्यादा रहते थे। शनिवार को गोरखपुर धाम के संत योगी हरदेव नाथ व अन्य साधुओं के साथ अस्थल बोहर स्थित मठ में आए थे। मठ में साधुओं के ठहरने के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। सुबह विकम दास लघुशंका के बाद आवास स्थल की तरफ आ रहे थे। आते ही उसने सांस फूलने की शिकायत की और दूसरे साधुओं के सामने दम तोड़ दिया। आईएमटी थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को सूचित किया। मैनपुरी से रोहतक पहुंचे संत के बेटे ने कहा कि वह गांव में ही अपने पिता का अंतिम संस्कार करेंगे।
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मैनपुरी स्थित रामनगर गांव के संत विकम दास का मस्तनाथ मठ में देहांत हो गया। गांव से आए बेटे ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। इसके बाद शव बिना पोस्टमार्टम के परिजनों के हवाले कर दिया।
दिलबाग सिंह, प्रभारी थाना आईएमटी