रोहतक। भक्ति में अपार शक्ति है जिससे मनुष्य अपनी समस्त जिज्ञासा को पूरा कर सकता है। जो चाहेगा वह मिल जाएगा। जिंदगी कबड्डी है घर जाओ, ऑफिस जाओ, फैक्टरी जाओ कोई ना कोई मैच तैयार रहता है। श्री 1008 भगवान पारसनाथ दिगंबर जैन गजरथ मंदिर में आठ दिवसीय संगीतमय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के तीसरे दिन पट्टाचार्य श्री 108 श्रुत सागर महाराज ने यह शब्द कहे। एलपीएस बोसार्ड व यूपीएस लक्ष्मी की ओर से फाल्गुन माह की अष्टान्हिका महापर्व का आयोजन किया जा रहा है।
मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि मंगलवार सुबह से ही मंदिर में महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। मंच का संचालन राजेश जैन डीएलएफ निवासी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा जिंदगी के कई रंग हैं आचार्य विद्यासागर कहते थे मैं बचना चाहता हूं, तुम छोड़ना नहीं चाहते हो। प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी नीतिन भैया व पंडित देवेंद्र जैन शास्त्री जी ने विधि-विधान से सुबह 6 बजे समाजसेवी विजय जैन, राहुल जैन व सभी श्रद्धालुओं ने श्री जी का जलाभिषेक व महाशांति धारा के परिवार ने संपन्न की।
-अष्टद्रव से बना महाअर्ध्य भगवान के चरणों में किया समर्पित
भगवान समूचय पूजन, पंचमेरू पूजन, भगवान पार्श्वनाथ पूजन, भगवान महावीर स्वामी पूजन के साथ सिद्धचक्र विधान के 32 श्लोकों के साथ अष्टद्रव से बना महाअर्ध्य भगवान के चरणों में समर्पित किया। भोपाल से आए संगीतकार व कलाकार रोहित ने अपनी मधुरवाणी से भजन गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम 7 बजे श्रद्धालुओं ने समोरसरण में विराजमान श्री जी की सभी ने 21 दीपक जलाकर संगीतमय आरती की। इस मौके पर रीटा जैन, संध्या जैन, दीपा जैन, समृद्धि जैन, मधु जैन, उमा शर्मा, गौतम जैन, सिद्धार्थ जैन, बलजीत राय जैन, शैलेंद्र जैन, मीडिया प्रभारी राजीव जैन, प्रदीप जैन, विकास जैन मौजूद रहे।