फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: बेटियों ने तानों की तपिश में सपनों को दी उड़ान

Mon, 17 Feb 2025 01:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
विज्ञापन
16सीटीके12... शहनाज। स्रोत:परिजन - फोटो : net
विज्ञापन
रोहतक। एमडीयू की छात्रा गीता का कहना है कि मेरे अलावा बहन प्रिया और रितु भी ताइक्वांडो की खिलाड़ी हैं। हम तीनों बहनों ने पहले आत्मरक्षा के लिए ताइक्वांडो का अभ्यास शुरू किया था। जब खेलना शुरू किया था, तब सोसाइटी व आसपास के लोगों ने खूब तंज कसे। परिवार से कहा कि लड़कियां हैं, ऐसा खेल खिला रहे हो, जिसमें हाथ-पैर टूट सकते हैं। कुछ हो गया तो इनसे कौन शादी करेगा।
विज्ञापन

इन तानों की तपिश को सहते हुए तीनों बहनों ने खेल का अभ्यास जारी रखा और पूरा ध्यान अपनी प्रतिभा निखारने पर लगाया। अब अतंरराष्ट्रीय स्तर पर हम तीन बहनें ताइक्वांडों में पदक जीतकर नाम रोशन कर रही हैं। गीता ने बताया कि वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 में बहन रितु का भी मेरे साथ चयन हुआ है। इसके चलते वर्ष 2022 में इंडिया स्वीडिश ओपन और यूरोपियन ओपन में तीनाें बहनों ने एक साथ ताइक्वांडो टीम इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व किया और रजत व कांस्य पदक जीते।
एमडीयू के नाम एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज होने जा रही है। इस बार विवि के ताइक्वांडो के नौ खिलाड़ियों का चयन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है। भारतीय दल में शामिल ये विद्यार्थी जुलाई 2025 में जर्मनी में दमखम दिखाएंगे। विवि के इन प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ताइक्वांडो कोच अशोक कुमार ने प्रशिक्षण दिया व उनका मार्गदर्शन किया है। संवाद
विज्ञापन

भारतीय दल में एमडीयू के इन खिलाड़ियों का हुआ चयन
चयनित खिलाड़ियों में गीता, रितु, शहनाज प्रवीन, खिनसांग वांगसू, यश मलिंडा, ज्योति, अरमान, रोहित व दीपांशु शामिल हैं। एमडीयू के ये विद्यार्थी अपने चयन को लेकर उत्साहित हैं। स्पर्धा के लिए कड़े अभ्यास में जुटे हैं। विवि परिवार को भी इनसे पदक की उम्मीद है। कोच अशोक कुमार ने खिलाड़ियों के चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय और देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। हमारे खिलाड़ी विश्व स्तर पर प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं।
गुरुग्राम वजीराबाद की रहने वाली हूं। पिता जितेंद्र सिंह बिजनेसमैन हैं। मां मनीषा गृहिणी हैं। हम पांच भाई-बहन हैं। प्रिया व रितु भी मेरी तरह ताइक्वांडो खेलती हैं। बहन लवली व भाई लक्ष्य पढ़ाई करते हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में वर्ष 2015 व 2017 में रजत पदक और 2018 में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2022 से 2024 तक टीम इवेंट इंटरनेशनल रैंकिंग गेम्स में हमने स्वर्ण पदक जीता।
- गीता, छात्रा, एमडीयू
वर्ष 2022, 2023, 2024 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। वर्ष 2023 में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में पांचवां स्थान प्राप्त किया। 2023 नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। 2024 नेशनल गेम्स में रजत पदक जीता। 2020 में आत्मरक्षा के गुर सीखने के उद्देश्य से खेलना शुरू किया था। पिता रमेश बिजनेसमैन हैं। मां गृहिणी हैं। एक भाई है। खेल समय काफी उतार-चढ़ाव आए, लेकिन हार नहीं मानी।

- ज्योति यादव, छात्रा, एमडीयू
पिता मोहम्मद ईसा लद्दाख पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत हैं। मां खतिजा बानो गृहिणी हैं। हम चार भाई-बहन हैं। वर्ष 2014 में ताइक्वांडो खेलना शुरू किया। तैयारी अच्छी है। लक्ष्य पदक जीतना है। वर्ष 2024 एशियन प्रतियोगिता में आठवां स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2023 वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में भाग लिया है। वर्ष 2021 व 2022 ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में स्वर्ण जीता। 2023 ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।
- शहनाज, छात्रा, एमडीयू
पिता वांगतोह वांगसु खेती करते हैं। मां सोमगफांग लोवांग गृहिणी हैं। वर्ष 2015 में ताइक्वांडो खेलना शुरू किया। शरीर कमजोर होने के चलते शुरू में परिवार ने खेलने से मना किया। बाद में अच्छा खेलने पर सभी ने प्रोत्साहित किया। वर्ष 2023 नेशनल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2023 सीनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक, 2024 सीनियर प्रतियोगिता में कांस्य पदक व 2024 ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता।
खिंसान वांगसु, छात्रा, एमडीयू।
इधर, बेटे भी कर रहे खेल में नाम रोशन


वर्ष 2016 में छठी कक्षा से ताइक्वांडो खेलना शुरू किया। पिता मंजीत लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। मां शर्मिला गृहिणी हैं। छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है। वर्ष 2023 ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में स्वर्ण पदक जीता। 2019 में स्कूली नेशनल गेम्स में रजत पदक जीता। 2024 ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में स्वर्ण पदक जीता।
- अरमान यादव, छात्र, एमडीयू

2016 में पिता संजय कुमार का देहांत हो गया। मां शशि गृहिणी हैं। बहन दिशा पढ़ती हैं। वर्ष 2017 में मैंने ताइक्वांडो खेलना शुरू किया। खेलते समय कई बार चोट लगी, लेकिन हार नहीं मानी। वर्ष 2019 में पैर व 2022 में घुटने में चोट लगी। वर्ष 2023-2024 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता में रजत पदक जीता।
- दीपांशु, छात्र, एमडीयू

16सीटीके12... शहनाज। स्रोत:परिजन- फोटो : net

16सीटीके12... शहनाज। स्रोत:परिजन- फोटो : net

16सीटीके12... शहनाज। स्रोत:परिजन- फोटो : net

16सीटीके12... शहनाज। स्रोत:परिजन- फोटो : net

16सीटीके12... शहनाज। स्रोत:परिजन- फोटो : net

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें