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बुजुर्ग पिता को लेकर अस्पतालों के चक्कर लगाती रही बेटी, न बेड मिला न इलाज

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रोहतक। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में बेड तक खाली नहीं है। हर रोज आ रहे नए मरीजों को जगह न मिलने के कारण वापस घर जाना पड़ता है। यहीं नहीं लोगों को ऑक्सीजन तक उपलब्ध नहीं हो रही है। हर वर्ग इस समस्या से परेशान है। जो मरीज अस्पतालों में दाखिल हैं उनको भी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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डीएलएफ कॉलोनी वासी अचला शर्मा ने बताया कि उसके 74 वर्षीय पिता अशोक शर्मा कुछ दिन से बीमार हैं और बार-बार उनका गला सूख रहा है। सांस लेने में भी हल्की तकलीफ हो रही है। वह पिता को सबसे पहले पीजीआई लेकर गई तो डॉक्टरों ने हाथ तक लगाकर नहीं देखा।
दो घंटे पीजीआई में चक्कर काटने के बाद एक निजी अस्पताल में गई तो उन्होंने व्हील चेयर पर ही चेकअप किया और थोड़ी देर बाद कहा कि अस्पताल में बेड खाली नहीं है जिसके कारण हम दाखिल नहीं कर सकते। उसके बाद अन्य तीन निजी अस्पतालों में चक्कर काटने के बाद भी पिता को इलाज नहीं मिल सका।
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डॉक्टर को हाथ पैर जोड़ने के बाद भी चेकअप तक नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण मरीज का मनोबल बिल्कुल घट रहा है और साथ-साथ बीमारी और ज्यादा बढ़ने की आशंका है। आसपास काफी सामाजिक संस्थाओं के नंबरों पर कॉल किया तो कहीं से भी मदद नहीं मिल सकी। ऑक्सीजन सिलिंडर की बात की तो वह भी उपलब्ध नहीं हो सका। फिलहाल उसके पिता को सांस लेने में परेशानी है और ऑक्सीजन की दरकार है।
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