सोनीपत के गांव बड़वासनी के पास एनएच 334-पी की टनल में प्रकाश व्यवस्था के अभाव में छाया अंधेरा।
सोनीपत। वाहन चालकों को राष्ट्रीय राजमार्ग-334पी पर जीटी रोड का विकल्प मिल चुका है, लेकिन रोशनी का अभाव होने के चलते वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। इस हाईवे पर दिसंबर 2024 से टोल वसूला जा रहा है, लेकिन हाईवे के टनल में रोशनी तक नहीं है। इसके अंदर से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। टनल में रोशनी न होने के कारण यह ''अंधेरी गुफा'' का रूप ले चुकी है। अंधेरा होने से वाहन चालकों को देखने में परेशानी होती है, जिसकी वजह से हादसा होने का डर बना रहता है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने गांव बड़वासनी से लेकर दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र तक 694 करोड़ रुपये से 29.6 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग-334पी का निर्माण किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग को गांव बड़वासनी के पास एनएच-352ए से लिंक किया गया है। इसे दिल्ली के अंदर द्वारका एक्सप्रेस वे (अर्बन एक्सटेंशन रोड-2) से जोड़ा गया है। यहां पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ रहे हैं। हाईवे से यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट तक 35 मिनट में पहुंचने की सुविधा मिलती है। इसमें प्रकाश व्यवस्था की कमी जैसी समस्याएं सामने आई हैं, जिन्हें जल्द दूर किया जाना आवश्यक है। टनल में रोशनी की कमी से वाहन चालकों को दिशा और दूरी का अनुमान लगाने में कठिनाई होती है। टनल में वेंटिलेशन और आपातकालीन निकास की व्यवस्था भी सुनिश्चित नहीं है।
द्वारका के जरिए से एनएच-2 से होकर गुजरेगा
दिल्ली में यह एक्सप्रेस-वे दिल्ली के बकौली गांव से शुरू होकर बवाना औद्योगिक क्षेत्र, रोहिणी, मुंडका, बक्करवाला, नजफगढ़ और द्वारका के जरिए एनएच-2 से होकर गुजरेगा। बवाना के पास सोनीपत की तरफ आने के लिए एनएच 334पी का निर्माण किया गया है। पश्चिमी यमुना लिंक नहर के साथ एनएच-334पी निर्माण पूरा कर लिया है। इसे फिलहाल वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
वर्जन
एनएच 334पी का निर्माण पूरा करके वाहनों के लिए खोल दिया गया है। जिन छोटी टनल में अंधेरा है वहां पर रोशनी के इंतजाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली निगम से कनेक्शन के लिए पत्राचार किया जा रहा है। जल्दी ही छोटी टनल रोशनी से जगमगाएगी और वाहनों चालकों को राहत मिलेगी। -जगभूषण शर्मा, परियोजना निदेशक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण।