संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में डी प्लान (जिला योजना) के तहत वित्त वर्ष 2025-2026 के लिए 14.28 करोड़ रुपये अलॉट किए गए हैं। इस धनराशि से 212 निर्माण कार्य किए जाएंगे। प्रशासन की ओर से 50 फीसदी कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विकास कार्यों का प्रस्ताव तैयार किया गया था।
इस बार 60 प्रतिशत राशि सामान्य वर्ग और 40 प्रतिशत राशि एससी-एसटी वर्ग क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। इनमें गलियों और नालियों के निर्माण, शिक्षा, सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य, जलापूर्ति, सिंचाई, खेल, आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, सड़क व सीवर निर्माण के कार्य शामिल हैं।
इस बार सबसे बड़ी चुनौती कम से कम राशि को लेप्स होने से बचाने की है। बीते वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो जिले में डी प्लान के तहत आई धनराशि का अधिक लाभ नहीं देखने को नहीं मिला। समय पर पैसे को खर्च नहीं किया जा सका। यह स्थिति हर साल देखने को मिलती है। डी-प्लान के तहत मिलने वाली राशि को 31 मार्च तक खर्च करना जरूरी होता है।
दो साल में डी-प्लान के तहत मिलने वाला बजट 8 करोड़ बढ़ा : साल 2023-24 में डी-प्लान के अंतर्गत 6 करोड़ एक लाख 75 हजार रुपये की राशि सामुदायिक विकास कार्यों के लिए पंचायती राज, नगर परिषद व अन्य विभागों को जारी की गई थी। पिछले दो वर्षों में डी प्लान के तहत मिलने वाली राशि का बजट भी बढ़ा है। 2 साल में 8 करोड़ से अधिक का बजट जिले को मिल रहा है। संवाद
वर्ष 2024-25 में 46 फीसदी राशि ही हुई थी खर्च
वर्ष 2024-25 में डी-प्लान के तहत 14 करोड़ 20 लाख 56 हजार रुपये जारी किए गए थे। इसमें से 46% राशि ही खर्च हो पाई थी, बाकी राशि खर्च न करने की वजह से लेप्स हो गई थी। अधिकारी बताते हैं कि 2024 में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव की वजह से राशि खर्च नहीं हो पाई थी। चुनाव में निर्माण कार्य बंद कर दिए गए थे। बीच में ग्रेप की भी पाबंदियां लग गई थीं। इस वजह से निर्माण कार्य पूरे नहीं हो पाए थे। मगर इस बार यह स्थिति देखने को नहीं मिलेगी। ज्यादा से ज्यादा पैसा खर्च किया जाएगा।
क्या होता है डी प्लान
सरकार की ओर से हर साल जिले में विभिन्न विकास कार्य करवाने के लिए डी-प्लान के तहत ग्रांट दी जाती है। पहले साल में दो-दो बार ग्रांट आती थी, लेकिन अब सरकार द्वारा एक बार ही ग्रांट भेजी जाती है। डी-प्लान की ग्रांट को 31 मार्च तक खर्च करना होता है। जिला प्रशासन डी-प्लान के तहत मिली ग्रांट से गांवों व शहर में उन कार्यों पर राशि खर्च करता है, जो जरूरी होते हैं, लेकिन सरकार ऐसे कार्यों के लिए अलग से कोई ग्रांट या बजट जारी नहीं करती है। 31 मार्च से पहले कार्य खत्म होने आवश्यक है और 10 मार्च से पहले भुगतान होना चाहिए।
डी-प्लान के तहत हाल ही में जारी किए गए टेंडर
गांव गोलियाका में एससी चौपाल के निर्माण पर 9.11 लाख रुपये खर्च होंगे।
गांव मामड़िया अहीर में वाटर टंकी पर 6.71 लाख खर्च होंगे।
गांव राजीयाका में एससी चौपाल पर 9.10 लाख खर्च होंगे।
राधा की ढाणी गांव में रास्ते के निर्माण के लिए 5.82 लाख खर्च होंगे
शहर के वार्ड नंबर 31 में गोसाई धर्मशाला की मरम्मत पर 4.19 लाख खर्च होंगे
वार्ड नंबर 18 में स्ट्रीट लाइट और पोल 4.35 लाख से लगेंगे।
राजकीय गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल रेवाड़ी का मेन गेट 4.23 लाख से बनेगा।
वार्ड नंबर 12 में स्ट्रीट लाइट और पोल को लेकर 4.35 लाख खर्च होंगे।
गांव बोलनी में जोहड़ तक पाइपलाइन बिछाने को लेकर 5.41 लाख होंगे।
वर्जन
जिले में डी प्लान के तहत वित्त वर्ष 2025- 2026 के लिए 14.28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस वर्ष 212 निर्माण कार्य चिह्नित किए गए हैं। 60 प्रतिशत राशि सामान्य वर्ग के लिए व 40 प्रतिशत राशि एससी एसटी वर्ग के सामुदायिक विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी।-हरि किशन, जिला योजना अधिकारी, रेवाड़ी।