विजेंद्र कौशिक
रोहतक। नौ जून को डी-पार्क में हुए अग्निकांड में प्रभावित पांच लोगों के मुआवजे की राशि तय हो गई है। तीन रेहड़ी और दो जूस विक्रेताओं को 50 हजार से दो लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। बाकी आठ दुकानदारों की फाइल मुआवजा जांच कमेटी ने मुख्यालय भेज दी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी से मंजूरी मिलने के बाद ही उनका मुआवजा तय हो सकेगा।
नौ जून को डी-पार्क मार्केट में भड़की आग में जिंदा जलने से गुरुनानकपुरा निवासी दुकानदार रोहित खन्ना, उनके साथी कर्मचारी धोबी मोहल्ला निवासी अमन यादव और दूसरी दुकान के कर्मचारी नेहरू कॉलोनी निवासी कपिल की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मृतकों के आश्रितों को 10-10 लाख रुपये और राज्यपाल ने दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी थी। विधानसभा के उप-सभापति कृष्ण मिड्ढा की ओर से पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई थी लेकिन राशि अभी तक नहीं मिली है।
तत्काल राहत के तौर पर ज्यादा नुकसान वाले दुकानदारों को पांच-पांच लाख रुपये, दो जूस विक्रेताओं को दो-दो लाख रुपये और रेहड़ी वालों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई थी। आर्थिक नुकसान का पूरा आंकलन करने के लिए डीसी ने नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मंजीत कुमार की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था।
नियमों के तहत स्थानीय स्तर पर 3 लाख से ज्यादा मुआवजा नहीं दे सकते अधिकारी
यूएलबी के नियमों के तहत स्थानीय स्तर पर तीन लाख रुपये से ज्यादा मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। आंकलन कमेटी ने आठ दुकानदारों की फाइल दो दिन पहले मुख्यालय भेजी है। मुख्यमंत्री नायब सैनी की मंजूरी मिलने के बाद मुख्यालय की ओर से प्रभावित दुकानदारों के नुकसान की राशि तय की जाएगी। इसमें एक सप्ताह या इससे अधिक समय लगने का अनुमान है।
पीड़ित बोले- नहीं मिला पूरा मुआवजा
मुख्यमंत्री नायब सैनी की घोषणा के बाद पांच लाख रुपये की मदद मिली थी। बाकी राशि अभी तक नहीं आई है। शुक्रवार को निगम की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने का मैसेज आया है। पूछने पर बताया गया कि फाइल मुख्यालय भेजी गई है।
रवींद्र यादव, पीड़ित जूता व्यापारी
दो लाख मिले अब तक, चार लाख पिता की बीमारी में लग गए
आग लगने से 11 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से अब तक दो लाख रुपये की मदद मिली है। हादसे के बाद उनके पिता को हार्ट अटैक आ गया था। उनके इलाज में चार लाख रुपये खर्च हो गए। दोबारा कारोबार शुरू करने में संघर्ष करना पड़ रहा है।
मुकेश कुमार, पीड़ित जूस विक्रेता
पांच दुकानदारों को जल्द मुआवजा मिल जाएगा। बाकी आठ की फाइल मुख्यालय भेजी गई है। हमारी ओर से पूरा प्रयास है कि पीड़ित दुकानदारों को उनके नुकसान के अनुसार मुआवजा मिले।
गुलशन निझावन, व्यापारी नेता एवं मुआवजा कमेटी सदस्य
विधानसभा के उप-सभापति की ओर से 10 जुलाई को ही मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना था। जींद में प्रधानमंत्री की रैली के कारण प्रक्रिया रुक गई थी। एक सप्ताह में मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
हैप्पी अनेजा, व्यापारी नेता एवं मुआवजा कमेटी सदस्य
वर्जन
डी-पार्क अग्निकांड में हुए नुकसान का आंकलन पूरा कर लिया गया है। पूरी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी गई है। अब मुख्यालय की ओर से तय किया जाएगा कि किसको कितनी आर्थिक सहायता मिलेगी।
मंजीत कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम एवं मुआवजा आकलन कमेटी अध्यक्ष
10-आकाश।
10-आकाश।