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सीएस ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को सरप्लस इंजेक्शन लेने के लिए भेजा पत्र

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जिला स्वास्थ्य विभाग के पास 2500 रेमडेसिविर इंजेक्शन सरप्लस है। इनमें से 528 इंजेक्शन दिसंबर 2021 और 1972 इंजेक्शन अप्रैल 2022 में एक्सपायर होंगे। अब सिविल सर्जन ने पीजीआईएमएस रोहतक, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल व मेवात मेडिकल कॉलेज नूंह और प्रदेश से सभी सिविल सर्जनों को डिमांड भेजने के लिए कहा है ताकि इनकी खपत हो सके। इस पत्र से कई सवाल खड़े हो गए हैं, जिनका हर कोई जवाब चाहता है। वहीं, सिविल सर्जन का कहना है कि मुझे नहीं पता ऐसा कोई पत्र भेजा है। पता करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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कोरोना की दूसरी लहर अप्रैल-मई में पीक पर होने की वजह से देश में रोजाना लाखों लोग कोरोना संक्रमित हो रहे थे। हजारों कोरोना संक्रमित मौत का शिकार हो रहे थे। तब गंभीर रोगियों को बचाने के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन एक मात्र विकल्प दिखा। जब रेमडेसिविर इंजेक्शन की एकाएक डिमांड बढ़ी तो कालाबाजारी शुरू हो गई। परेशान लोगों की मजबूरी का लाभ उठाते हुए मनमाफिक दामों पर इंजेक्शन बेचे जाने लगे। शासन-प्रशासन कालाबाजारी को लेकर सख्त हुए तो गुपचुप सप्लाई होने लगी। जिले में भी ब्लैक में इंजेक्शन बेचने वालों को पुलिस ने पकड़ा। बुधवार को सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला की तरफ से पीजीआईएमएस डायरेक्टर, एसएचकेएम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज मेवात डायरेक्टर, कल्पना चावला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज करनाल, बीपीएस जीएमसी फॉर वुमन खानपुर कलां डायरेक्टर और प्रदेश से सभी सिविल सर्जनों को पत्र भेजा है, जो काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। सिविल सर्जन ने पत्र में कहा है कि उनके पास 2500 रेमडेसिविर इंजेक्शन हैं, जिनमें से दिसंबर में 528 एक्सपायर हो जाएंगे। इस समय रेमडेसिविर इंजेक्शन उनके पास सरप्लस हैं, इसलिए इंजेक्शन एक्सपायर होने से पहले डिमांड भेजी जाए। सिविल सर्जन रोहतक के पत्र ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है।
पीजीआईएमएस ने इंजेक्शन लेने से किया इनकार
पीजीआईएमएस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन लेने से इनकार कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पीजीआई में भर्ती हुए 422 मरीजों को 15 फरवरी से 15 जून तक 2655 इंजेक्शन लगाए गए। इस समय 3044 इंजेक्शन पीजीआई के पास हैं, जो दूसरी लहर में आए रोगियों के आंकलन के अनुसार तीसरी लहर के लिए पर्याप्त हैं।
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सिविल अस्पताल में भर्ती नहीं हुए संक्रमित
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि सिविल अस्पताल अथवा सरकारी अस्पतालों में गंभीर कोरोना संक्रमित भर्ती नहीं हुए, इसलिए जिला स्वास्थ्य विभाग को मिले इंजेक्शन इस्तेमाल नहीं हो सके।
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पीजीआईएमएस के पास रेमडेसिविर इंजेक्शन पर्याप्त संख्या में हैं। इसलिए सिविल सर्जन को पत्र लिख दिया गया है कि इंजेक्शन की जरूरत नहीं है।
- डॉ. रोहताश कंवर यादव, डायरेक्टर, पीजीआईएमएस रोहतक
मुझे नहीं पता कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के सरप्लस होने का कोई पत्र भेजा गया है। जानकारी करने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन, रोहतक
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