अधिक ब्याज देने का लालच देकर लिये थे रुपये
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विश्वामित्र इंडिया परिवार सोशल व एजूकेशन नाम के ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक निदेशक और मैनेजर पर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप लगा है। ट्रस्ट ने पहले तो लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा कर लिए, लेकिन जब लोगों ने समय सीमा पूरी होने पर रुपये मांगे तो अधिकारी मुकर गये। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में मैनेजर गीता कुमारी और मुख्य प्रबंधक निदेशक मनोज कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस को महिला राजबाला सहित पांच लोगों पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी है।
पुलिस को दी शिकायत में रेलवे कालोनी निवासी महिला राजबाला ने बताया कि हुडा कांप्लेक्स में विश्वामित्र इंडिया परिवार सोशल व एजूकेशन ट्रस्ट का ऑफिस है। राजबाला के पति रेलवे में नौकरी करते हैं। पीड़ित का कहना है कि ट्रस्ट लोगों के रुपये इकट्ठा कर उस पर करीब 12 प्रतिशत ब्याज देती है। रुपये एक या दो साल के लिए इकट्ठे किए जाते हैं। राजबाला सहित अन्य लोगों ने ट्रस्ट में रुपये जमा कराए। सभी को अलग-अलग समयसीमा दी गई। जब समय सीमा पूरी हो गई तो उन्होंने रुपये मांगने शुरू कर दिए। इस पर राजबाला ने मैनेजर गीता से रुपये मांगे। आरोप है कि गीता रुपये देने से मुकर गई। राजबाला लगातार रुपये मांगती रही, लेकिन कोई भी फायदा नहीं हुआ। इसके बाद राजबाला सहित अन्य ने अधिकारियो के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
करीब एक करोड़ रुपया दांव पर
राजबाला का दावा है कि कंपनी में करीब 300 लोगों को चूना लगाया है। ये पूरे प्रदेश से लोगों से रुपया जुटाते थे। आरोप है कि अब अचानक अधिकारियों के मुकर जाने के बाद लोगों का एक करोड़ रुपया दांव पर लग गया है। अधिकारियों ने अपने ऑफिस को भी बंद कर दिया है ताकि लोग परेशान न कर सकें। जांच अधिकारी एसआई शमशेर सिंह का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिकायत देने वाले चार अन्य लोगों में विनय प्रसाद, सोनम, अंगूरी देवी और अशोक शामिल है। इनमें राजबाला ने ट्रस्ट में 24000, 29500, सोनम जिंदल 24 000, विमल प्रसाद 90000, अंगूरी देवी 36000 और अशोक ने 40 हजार रुपये जमा करवाए हैं।