सांघी गांव में होली पर चार चचेरे भाइयों ने खूनी खेल खेला। कपड़े पर रंग के छींटे गिरने से पनपी रंजिश ने चारों ने चाकू से गोदकर एक युवक की जान ले ली, जबकि उसके दोस्त को घायल कर दिया। घायल को पीजीआई में दाखिल कराया गया है। मरने वाले युवक 20 वर्षीय विनोद उर्फ मनोज के घायल दोस्त सुमित के बयान पर गांव के दो सगे भाई रवि, रविंद्र उर्फ छोटा और इनके चचेरे भाई मनजीत व विक्रम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है।
अभी तक एक भी आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि हत्या से जुडे़ दो लोगों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों में शामिल एक युवक ने दो महीने पहले ही घर में घुसकर मृतक मनोज के चाचा का ईंट मारकर हाथ भी तोड़ा था।
पुलिस के मुताबिक विनोद उर्फ मनोज कुमार बृहस्पतिवार को फाग वाले दिन अपने दोस्त सुमित के साथ होली खेल रहा था। पहले तो दोनों अपनी गली में खेल रहे थे। फिर एक गली छोड़कर दूसरी गली में चले गए। गली से मनोज का कोई परिचित गुजर रहा था। मनोज ने उसके ऊपर रंग मिला हुआ पानी डाल दिया। इसी दौरान गली से ही आरोपी रविंद्र उर्फ छोटा अपने भाई रवि, मनजीत और विक्र म के साथ निकल रहा था। रंग के कुछ छींटे उसके ऊपर गिर गए। रविंद्र ने मनोज से रंग डालने का कारण पूछा। मनोज ने गलती मानते हुए कहा कि होली में थोड़ा बहुत रंग तो गिर ही जाता है।
इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि कुछ ही देर में मनजीत व विक्रम में मनोज को पकड़ लिया और रविंद्र ने उसकी छाती व पेट में चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिये। जब सुमित अपने दोस्त मनोज को बचाने आया तो आरोपियों ने उसके भी पेट में चाकू घोंप दिया। सुमित ने चाकू छिनने का प्रयास किया तो उसके हाथ में भी घाव हो गया।
वारदात का पता चलते ही मनोज और सुमित के परिजन मौके पर पहुंचे। परिजनों को देखकर चारों आरोपी मौके से फरार हो गए। दोनों घायलों को पीजीआई लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मनोज को मृत घोषित कर दिया जबकि सुमित को दाखिल कर लिया गया। सुमित के पेट में 2 टांके और हाथ में 10 टांके आए हैं। अभी उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
अकेला कमाने वाला बेटा था मनोज
मनोज अपने बूढे़ माता पिता का एक ही कमाने वाला बेटा था। वह मेहनत मजदूरी व किराये पर गाड़ी चलाकर परिवार का गुजारा करता था। उसके दो छोटे भाई अभी काम नहीं करते हैं। उसकी मौत के साथ ही परिवार में कोई भी कमाने वाला नहीं बचा।
होली खेलते वक्त रंग गिरने के बाद विवाद हुआ। आरोपी पक्ष के एक लड़के पर रंग गिर गया था। उसी दौरान आरोपियों ने चाकू से वारकर विनोद की हत्या कर दी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
एसआई शमशेर, जांच अधिकारी, सदर थाना।
एसपी दिनभर गश्त पर, सरेआम कर दी हत्या
होली को शांतिपूर्ण निपटाने का दावा कर रही पुलिस का उदासीन रवैया फिर सामने आया है। वैसे तो एसपी शशांक आनंद पुलिस बल के साथ फाग वाले दिन जिलेभर की सुरक्षा का जायजा लेते रहे, लेकिन हत्यारों ने वारदात अंजाम दे दी और पुलिस कुछ नहीं कर सकी। सवाल उठना लाजिमी है कि क्या पुलिस होली के दिन सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति देखने गांवों तक भी पहुंची। यदि गांवों तक पहुंचती तो शायद हत्यारोपी दिनदहाड़े यूं वारदात को अंजाम नहीं देते।
गांवों में बढ़ा अपराध, तीन हत्याओं से हिले गांव
पुलिस गांवों में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं कर पा रही है। सदर थाना क्षेत्र में बदमाश दिनदहाड़े वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। एक माह के अंदर रिठाल में नेशनल खिलाड़ी सुखविंद्र की हत्या, नकल रोकने को लेकर हुआ भालौठ का मंजीत हत्याकांड और अब सांघी में वारदात। तीनों वारदातों को बदमाशों ने खुलेआम अंजाम दिया गया। भरे गांव से आरोपी आसानी से फरार भी हो गए। वारदात के बाद पुलिस बस लकीर ही पीटती रही।
उपद्रव के केसों में उलझी पुलिस, 1 महीने में 4 मर्डर
पुलिस उपद्रव के केसों में उलझी है और जिले में ताबड़तोड़ हत्याएं की जा रही हैं। दंगों के बाद के एक महीने की बात करें तो इस दौरान चार हत्याएं की गई हैं। पहले बदमाशों ने लाढ़ोत रोड पर आईटीआई छात्र कृष्ण की गोली मारकर हत्या की और इसके बाद रिठाल, भालौठ और सांघी हत्याकांड।
मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंचे पुलिस के हाथ
हाल ही में हुए चारों मर्डर मेें पुलिस अभी तक मुख्य आरोपियों तक भी नहीं पहुंच सकी है। आईटीआई छात्र की हत्या का मुख्य आरोपी प्रियांकल अभी तक पुलिस गिरफ्त से दूर है। भालौठ हत्याकांड का मुख्य आरोपी सोनू भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। हालांकि उसके तीन साथियों को पकड़ लिया गया है। कबड्डी खिलाड़ी को गोली मारने का आरोपी अनिल गुड़गांव पुलिस के हत्थे चढ़ा, जबकि जिला पुलिस कुछ नहीं कर सकी। दूसरे आरोपी अमरजीत के बारे में पुलिस खाक छान रही है।