पालिका बाजार में सर्विस सेंटर चलाने वाले व्यापारी कृष्णलाल खट्टर को दिनदहाड़े गोली मार जाने पर व्यापारियों का पुलिस के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। व्यापारियों ने शनिवार को भी पालिका बाजार बंद रखा। मार्केट प्रधानों की बैठक में पुलिस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। व्यापारियों ने चेताया कि पुलिस ने यदि 72 घंटे में आरोपियों को नहीं पकड़ा तो रोहतक बंद कर दिया जाएगा। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस कारोबारियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है इसलिए व्यापारियों को अपनी सुरक्षा में खुद ही डंडे उठाने पड़ेंगे।
पालिका बाजार में शुक्रवार को दिनदहाड़े सर्विस सेंटर में घुसकर व्यापारी कृष्णलाल खट्टर को गोली मारी गई थी। पीजीआई में भर्ती व्यापारी की हालत में जहां सुधार बताया जा रहा है, वहीं गोली मारने वाले आरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। इस कारण व्यापारियों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। व्यापारियों ने शनिवार को भी पालिका बाजार बंद रखा। यहीं पर शहर की कई मार्केट के प्रधानों की बैठक में घटना की निंदा की गई और पुलिस को पूरी तरह से नाकाम बताते हुए उसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। व्यापारियों के साथ हो रही आपराधिक घटनाओं को देखते हुए व्यापारियों की 21 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। समिति में पालिका बाजार एसोसिएशन के प्रधान गुलशन निझावन, ज्वैलर्स एसोसिएशन के हेमंत बख्शी, किला रोड एसोसिएशन के बिट्टू सचदेवा, हरियाणा उद्योग व्यापार मंडल के अनिल भाटिया, बलदेव राज मिगलानी, सुरेंद्र अग्रवाल, मनोहर लाल वर्मा, विनोद जैन आदि शामिल रहेंगे। बैठक में कहा गया कि किसी भी व्यापारी के साथ कोई घटना होती है तो व्यापारी शांत नहीं बैठेंगे। कमेटी के दिशा निर्देशन में आंदोलन किया जाएगा।
आपकी सरकार में भी सुरक्षित नहीं थे व्यापारी, राजनीति मत करो
व्यापारियों के साथ लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं व अपनी सुरक्षा को लेकर उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। उनके इसी गुस्से को शनिवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक बीबी बतरा को झेलना पड़ गया। पालिका बाजार में व्यापारियों की जब बैठक चल रही थी तो पूर्व विधायक बतरा समर्थकों के साथ पहुंच गये। उन्होंने व्यापारियों के पक्ष में और सरकार के विरोध में बोलना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में पूरी तरह गुंडा राज है और कोई भी सुरक्षित नहीं है। इसलिए व्यापारियों को बाजार बंद करने पड़ेंगे। लेकिन एक बार बाजार बंद करके किसी के दबाव में उसे खोला न जाए। विधायक के इस तरह की बात करने पर व्यापारी उखड़ गए और उनके बीच राजनीति चमकाने के लिए आने की बात कहने लगे। व्यापारियों ने कहा कि आपकी दस साल सरकार रही है। उस दौरान भी व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। इसलिए उनके बीच आकर वह राजनीति नहीं करें। नेताओं व व्यापारियों को राजनीति छोड़कर व्यापारी वर्ग के हित की बात करनी होगी। व्यापारियों ने कहा कि पुलिस व नेता अपने लिए उनके पास पहुंच जाते हैं और जब उनको उनकी जरूरत पड़ती है तो गायब हो जाते हैं। इसलिए वह किसी भी नेता को अपने आंदोलन में शामिल नहीं करेंगे। व्यापारियों का विरोध देखकर पूर्व विधायक बीबी बतरा समर्थकों के साथ चुपचाप निकल गये।
आज बाजार रहेगा बंद, दुर्गा भवन मंदिर में जुटेंगे व्यापारी
पालिका बाजार एसोसिएशन के प्रधान गुलशन निझावन ने कहा कि पुलिस को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया। इसलिए रविवार को साप्ताहिक बंदी के तहत बाजार बंद रहेगा लेकिन सोमवार को बाजार खोला जाएगा। मंगलवार को पूरे शहर के साथ पालिका बाजार भी बंद रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह 11 बजे दुर्गा भवन मंदिर में व्यापारी जमा होंगे और आगे के आंदोलन के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रदेश में जंगलराज, बेदम हुई कानून व्यवस्था : दीपेंद्र
प्रदेश में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। जिस प्रदेश को पहले शांतिप्रिय कहा जाता था आज वहां आम जनता को घरों से बाहर निकलने में भी डर लगने लगा है। सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल है। ये आरोप सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लगाए। वे शनिवार को पीजीआई में भर्ती पालिका बाजार के व्यापारी कृष्ण लाल का हाल जानने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार आपसी गुटबाजी में उलझकर रह गई है। उन्हें जनता की कोई परवाह नहीं है। प्रदेश के व्यापारियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। दिनदहाड़े व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन पुलिस की कानून व्यवस्था बेदम हो चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का ढाई साल पूरा होने वाला है, लेकिन अभी तक प्रदेश के लिए एक भी प्रोजेक्ट शुरू नहीं हुआ। इससे बुरे हालात क्या होंगे कि रोहतक रेलवे बाईपास को भी रद्द कर दिया गया। सरकार जात-पात के नाम पर लोगों को बांट रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में पूरी तरह फ्लाप हो चुकी है और पंजाब में भी यही हाल होगा। आरक्षण आंदोलन की आड़ में निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इस मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।