लंबे समय से बीमार चल रहे पति की मौत के बाद जब उसका शव घर पहुंचा तो पत्नी ने पहले बिजली के तार पकड़कर जान देने की कोशिश की। लोगों ने बचा लिया तो बाद में घर की छत से कूद गई। घायल महिला को पीजीआई में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं, ग्रामीणों ने पति का रविवार दोपहर अंतिम संस्कार कर दिया।
गांव मायना निवासी नरेंद्र सिंह दमकल विभाग में चालक के पद पर कार्यरत है। करीब तीन महीने पहले अचानक नरेंद्र और उसकी पत्नी बीमार हो गए। परिजनों ने दोनों को पीजीआई में भर्ती कराया। करीब एक सप्ताह पहले नरेंद्र की पत्नी के स्वास्थ्य में सुधार हो गया तो परिजन उसे अस्पताल से घर ले गए। लेकिन नरेंद्र की हालत में सुधार नहीं हुआ। रविवार को नरेंद्र की अस्पताल में मौत हो गई। नरेंद्र की मौत की सूचना जब घर पहुंची तो पत्नी ने पहले तो बिजली के तार पकड़क र जान देने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने उसे बचा लिया। इसके बाद दोपहर को जैसे ही परिजन और ग्रामीण नरेंद्र का शव लेकर घर पहुंचे तो वह छत से कूद गई। आनन फानन में उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी ने अपनी बीमारी के बारे में कभी परिजनों से जिक्र नहीं किया।
एक साल पहले हुई थी शादी
नरेंद्र की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही पति और पत्नी का स्वास्थ्य खराब हो गया। नरेंद्र के पिता गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। जबकि बड़ा भाई गांव में रहता है। करीब तीन साल पहले उसके बड़े भाई की पत्नी का निधन हो गया था।
साल 2008 में भी हुई थी ऐसी घटना
22 मई 2008 को भी गांव में एक ऐसी ही घटना हुई थी। एक डॉक्टर के बेटे की सड़क हादसे में दिल्ली में मौत हो गई थी। डॉक्टर पीजीआई रोहतक में कार्यरत थे। जब बेटे का शव घर पहुंचा था तो उसकी पत्नी घर की तीसरी मंजिल से कूद गई थी। इसके बाद अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया था।