देर रात कुलपति आवास के सामने छात्रों के साथ धरने पर बैठे मेस कर्मचारी
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वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में देर रात महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के मेस कर्मचारी को हिरासत में लेने पर बवाल हो गया। गिरफ्तारी के विरोध में मेस कर्मचारी और छात्र एकजुट होकर कुलपति आवास के सामने धरने पर बैठ गए। चेतावनी दी कि जब तक कर्मचारी को छोड़ा नहीं जाएगा, तब तक धरने से नहीं उठेंगे। मामला बढ़ने पर यूनिवर्सिटी के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। देर रात पुलिस के इस आश्वासन पर कि बृहस्पतिवार दोपहर तक गिरफ्तार कर्मचारी को छोड़ दिया जाएगा, मेस कर्मचारी और छात्र धरने से उठ गए। लेकिन मेस कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक कर्मचारी को छोड़ा नहीं जाएगा तब तक मेस में खाना नहीं बनेगा।
मामला बुधवार देर रात का है। यूनिवर्सिटी के हॉस्टल नंबर छह हिमगिरी में तैनात एक मेस कर्मचारी को एसआईटी ने उठा लिया। इसकी जानकारी होते ही बाकी मेस कर्मचारियों और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों में रोष फैल गया। सभी इकट्ठा होकर कुलपति आवास के सामने पहुंच गए। कुलपति के नहीं मिलने पर सभी वीसी के आवास के सामने धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना था कि वित्तमंत्री की कोठी जलाने के मामले में पुलिस और एसआईटी उन्हें बेवजह परेशान कर रही है। इससे यूनिवर्सिटी का माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस के रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों और छात्रों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मामला बढ़ता देख रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज समेत यूनिवर्सिटी के अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों की बात को सुना और कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया को मामले से अवगत कराया। सूचना मिलने पर पीजीआई थाना पुलिस भी कैंपस में पहुंच गई। देर रात पुलिस के आश्वासन के बाद सभी धरने से उठे। हालांकि मेस कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि गिरफ्तार कर्मचारी को नहीं छोड़ने तक मेस में खाना नहीं बनाएंगे।
नहीं बना खाना, भूखे रहे छात्र
इस प्रकरण के बाद मैस कर्मचारियों ने खाना बनाने से इनकार कर दिया। छात्र भी उनके समर्थन में आ गए। इस वजह से हिमगिरी हॉस्टल में खाना नहीं बनाया गया।