उपद्रव के आरोप में हुई झज्जर के देवेंद्र की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को खाप प्रतिनिधियों का एक दल आईजी से मिलने पहुंचा। लेकिन एडीजी के कार्यक्रम में आईजी के व्यस्त होने के कारण वे बैरंग लौट गए।
बोहर स्थित नांदल भवन में बुधवार को खाप प्रतिनिधियों की एक बैठक हुई। इसमें आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई युवाओं की गिरफ्तारी पर मंथन हुआ। खुंगाई गांव से पहुंची पंचायत ने बताया कि देवेंद्र 20 फरवरी को अपने काम से झज्जर गया था। यहां पर पुलिस फायरिंग की चपेट में आ गया और उसके कूल्हे में गोली लगी। वह कई दिनों तक पीजीआई रोहतक में दाखिल रहा। जब घर आया तो उसे पुलिस उठाकर ले गई। उसकी जमानत रद्द हो गई है, 124ए और 307 जैसी धाराएं लगाई गईं हैं जो सरासर गलत हैं। इस दौरान फैसला लिया गया कि जल्दी ही इन केसों को चंडीगढ़ हाईकोर्ट में लगाया जाएगा। इस दौरान कलानौर में जाट समाज के दुकानदारों के मुआवजे में किए जा रहे भेदभाव का मसला भी उठा। इसके बाद खाप प्रतिनिधियों का एक दल आईजी से मिलने के लिए पहुंचा। खाप प्रवक्ता कैप्टन जगवीर मलिक ने बताया कि कमिश्नर रोहतक ने जिलाधीश से बातचीत करके इस मसले को शीघ्र हल करवाने का आश्वासन दिया है। एक-दो दिन में समाधान की उम्मीद है। इस अवसर पर हुडा खाप प्रधान धर्मपाल हुड्डा, कैप्टन जगवीर मलिक, बलजीत नांदल, करतार सिंह, दलेल सिंह, अठगामा प्रधान बलराज नांदल मौजूद रहे।
राहत कोष में जमा किए 5.39 लाख रुपये
इस दौरान पाकस्मा से आए सरपंच मुकेश, कृष्ण, धर्मपाल, जोगेंद्र, देवेंद्र ने गांव की तरफ से 1.52 लाख रुपये राहत कोष में दिए। झज्जर के बिहरोड से आए राजबीर, बिजेंद्र सिंह, जय भगवान नंद राम और संतराम ने 1.87 लाख रुपये तो सोनीपत से बुटाना बारह के प्रधान आजाद सिंह, रामकुमार, रामकिशन, इंद्र सिंह और करतार सिंह ने राहत कोष में दो लाख रुपये जमा किए।