हरियाणा के रोहतक में इमलीगढ़ स्थित जलघर के हौद में रविवार को दो बच्चों की मौत मामले में विभाग के अधीक्षण अभियंता आरके शर्मा व कार्यकारी अभियंता तरुण गर्ग ने सोमवार को जलघर का जायजा लिया। यहां पीछे का गेट टूटा था और दीवार भी टूटी मिली। इसके बाद अधीक्षण अभियंता ने कनिष्ठ अभियंता व उपमंडल अभियंता को चार्जशीट कर दिया है।
हालांकि मौके पर एसई आरके शर्मा को बताया गया कि इसका एस्टीमेट भेजा गया है। इस पर एसई कहना है कि एस्टीमेट भेजा गया है तो उसके लिए जल्दी ग्रांट जारी की जाएगी। अगर नहीं भेजा है तो स्थानीय अधिकारियों क खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारियों ने घटनाक्रम पर संज्ञान लेते हुए कहा कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी है। यहां जब तक स्थायी समाधान नहीं होता तब तक अस्थाई तौर पर बाड़ आदि करके रास्ता बंद किया जा सकता है ताकि पशु , बच्चा तथा अन्य कोई भी इसमें न आ सके।
जब इमलीगढ़ जलघर परिसर का दौरा कर वहां का रिकॉर्ड जांचा तो पता चला कि इस जलघर पर तैनात 10 कर्मियों में से सात कर्मी रविवार को हुए हादसे के दौरान हाजिर ही नहीं थे। इन सभी से जवाब मांगा गया तो सभी ने छुट्टी पर होने व अर्जी देने की बात कही। जांच के उपरांत एसई ने चार कर्मियों के एक दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किए हैं। इनके नाम विभाग की ओर से अभी जारी नहीं किए गए हैं।
ये मिलीं खामियां
जलघर परिसर के जिस टैंक पर हादसा हुआ उसके रैंप के पास वाली चाहरदीवारी काफी समय से टूटी पड़ी है। इसके बारे में अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। वहीं, जेई और एसडीओ ने इस दीवार की मरम्मत के लिए कभी कोई प्रस्ताव तैयार नहीं कराया। इसी टैंक के पास रैंप पर फिसलने से दोनों बच्चे पानी में गिरे थे। जलघर परिसर के पिछले हिस्से का गेट टूटा पड़ा है। इसको लेकर भी कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया।
यह था मामला
महम के जलघर में रविवार को डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। बच्चे जलघर के पीछे वाले गेट से अंदर घुसे तथा टैंक की टूटी हुई दीवार से होते हुए रैंप पर साइकिल चलाने लगे जो फिसलकर सीधी टैंक में चली गई । एक बच्चा साइकिल चला रहा था जबकि दूसरा पीछे बैठा था। दोनों बच्चे पानी में डूब गए। तुरंत लोगों ने उन्हें बाहर, निकाला लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान वार्ड 15 निवासी भरत (13) और उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के काका करुला, हाल महम के वार्ड नंबर 15 निवासी आरिश (10) के रूप में हुई।
अमर उजाला ने उठाया था विभाग की लापरवाही का मामला
हादसे के बाद अमर उजाला ने जलघर का गेट खुला होने व प्रवेश निषेध होने के बाद भी इस तरह बच्चों के अंदर चले जाने पर सवाल खड़े किए थे। सोमवार को अधिकारियों ने इस पर संज्ञान लेते हुए जलघर का जायजा लिया तथा भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।