सात दिन से दिल्ली के ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी सीआईए-एक बैंकों में ढाई करोड़ रुपये की चोरी में शामिल रहा है संजीव उर्फ संजय
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सीईआई-1 ने सात दिन के प्रयास के बाद बैंकों में चोरी के आरोपी को अस्पताल से पकड़ लिया है। सोनीपत और रोहतक समेत कई बैंकों में सेंधमारी करके ढाई करोड़ की चोरी के मामले में कुख्यात इस्माइला निवासी संजीव उर्फ संजय मंगलवार को छिपते-छिपाते अस्पताल में पत्नी और बच्चे से मिलने आया था। कुछ दिन पहले उसकी पत्नी ने द्वारका स्थित एक निजी अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया है। सीआईए-1 पिछले करीब सात दिनों से दिल्ली में उसकी तलाश में छापेमारी कर रही थी। पुलिस ने आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
महम के गांव किशनगढ़ स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) की शाखा में चोरों ने 26 दिसंबर की रात सेंधमारी की थी। लेकिन तोड़फोड़ की आवाज सुनकर ग्रामीणों को भनक लग गई थी। ग्रामीणों के सक्रिय होते ही चोर फरार हो रहे थे। इस दौरान सीआईए-1 ने प्रदेश की कई बैंकों में चोरी की वारदात कर चुके गिरोह के एक गुर्गे सोनीपत के छतहरा निवासी सुनील को दबोच लिया था। जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए। सुनील ने संजीव के बारे में पुलिस को जानकारी दी थी। सीआईए-1 दिल्ली में ही संजीव के ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी, लेकिन उसके बारे में सुराग नहीं मिल रहा था। सीआईए के एएसआई विनोद कुमार ने बताया कि एक जनवरी को संजीव की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। इस कारण संजीव बेटे और पत्नी से मिलने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस के चलते अस्पताल नहीं आ रहा था। जब आरोपी को लगा कि पुलिस लौट गई है तो वह मंगलवार को अस्पताल पहुंचा। इसी बीच मुखबिर ने सीआईए-1 को सूचना दे दी। फिर टीम ने मौके पर पहुंचकर संजीव को दबोच लिया।
सात साल से गांव नहीं आया संजीव, की थी लव मैरिज
एएसआई विनोद ने बताया कि पुलिस पूछताछ में संजीव ने बताया कि उसने करीब सात चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। जबकि पुलिस का मानना है कि आरोपी 30 से ज्यादा वारदात में शामिल रहा है। पूछताछ में संजीव ने बताया कि वह सात साल से अपने गांव नहीं आया है। उसने लव मैरिज की थी। उसकी पत्नी को पहले पति से एक बेटी है। द्वारका में आरोपी की ससुराल है, लेकिन वह ससुराल से अलग किराये पर कमरा लेकर रहता था। रिमांड अवधि में पुलिस चोरी की गई रकम और उसके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। संजीव ने गिरोह के साथ करीब 2 करोड़ 41 लाख 29 हजार रुपये की चोरी की थी। कार्रवाई करने वाली टीम में सीआईए-1 के एसआई राजेंद्र, एएसआई ऋषिपाल और विनोद सहित अन्य शामिल रहे।
गिरोह के साथ सात जगह की चोरी
पुलिस पूछताछ में संजीव ने सात चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात कबूल की है। गिरोह ने सोनीपत के गांव सैदपुर में 24 नवंबर को ओबीसी बैंक से 1.22 करोड़, रेवाड़ी के आलमपुर खेड़ा में स्थित पीएनबी बैंक से 81.21 लाख, दादरी के बिरही कलां गांव स्थित केनरा बैंक से 37.78 लाख और सिरसा के ओबीसी बैंक से 30 हजार रुपये की चोरी की है। सभी वारदातों में 2 करोड़ 41 लाख 29 हजार रुपये उड़ाए हैं। हालांकि, ब्राह्मणवास के बैंक में रखे 28 लाख रुपये नहीं चुरा पाए थे।