रोहतक से भाजपा विधायक मनीष ग्रोवर ने दंगे के दौरान अफसरों की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अफसर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मिले हुए थे, इसलिए उन्होंने दंगा नहीं रोका। विधायक ने डीजीपी, एडीजी इंटेलीजेंस, कमिश्नर समेत अन्य कई अधिकारियों पर फोन करने के बावजूद दंगा रोकने को कोई कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया है।
ग्रोवर ने कहा कि मैंने शहर में दंगे और आगजनी के दौरान हालात पर काबू करने के लिए तत्कालीन डीजीपी यशपाल सिंघल, एडीजी इंटेलीजेंस शत्रुजीत समेत रोहतक के कमिश्नर, एसपी व डीसी सभी को फोन किया। उन्हें शहर के हालात भी बताए और दंगे रोकने के लिए कहा। विधायक का आरोप है कि इसके बाद भी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की और वे आराम से सब कुछ देखते रहे। दंगे के दौरान अधिकारी पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के साथ मिलकर काम करते रहे और जानबूझकर कोई कदम नहीं उठाया। अब प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट आने से अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है। उस समय लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सरकार कार्रवाई कर रही है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सरकार किसी भी लापरवाह अधिकारी को नहीं बख्शेगी, चाहे उसमें कोई भी शामिल हो।