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महिला को न्याय दिलाने सड़क पर उतरे एक दर्जन संगठन

Tue, 28 Jun 2016 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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लघु सचिवालय में तपती दोपहरी में तीन घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा, डीसी, एएसपी व डीएसपी पहुंचे समझाने - फोटो : amar ujala
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सलारा-बाबरा मोहल्ला निवासी महिला की हत्या के आरोपियों को पकड़ने की मांग को लेकर शहर के एक दर्जन से अधिक विभिन्न सामाजिक संगठनों ने महिला के परिजनों के साथ मिलकर जोरदार प्रदर्शन किया। सोमवार दोपहर लघु सचिवालय में माहौल खासा गर्म हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। कहा गया कि महिला की हत्या के 22 दिन बाद भी न तो आरोपियों के खिलाफ सबूत मिले, न ही उनकी गिरफ्तारी हुई और न परिवार को मुआवजा दिया गया।
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लघु सचिवालय में तपती दोपहरी में तीन घंटे तक चले हाई वोल्टेज ड्रामे में प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए डीसी से लेकर एएसपी और डीएसपी भी पहुंचे। बातचीत के दौरान जब डीसी और एएसपी ने कहा कि धरने पर बैठोगे तो कार्रवाई नहीं करेंगे, तो प्रदर्शनकारी भड़क गए। प्रदर्शनकारियों के आक्रोश को देखते हुए एएसपी ने कहा कि उन्हें तीन दिन का समय दें। कहा कि डीएसपी से लेकर एसएचओ तक मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए शक के दायरे में आने वाले लोगों का पॉलिग्राफी टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए अदालत के आदेश का इंतजार है। एएसपी के इस जवाब से पीड़िता की बेटी बिफर गई। उसने कहा कि मेरी मां को घर से लेने के लिए प्राचार्या आई थी। अगले दिन से वह गायब थी। इसके बाद भी आपको सबूत चाहिए। प्रदर्शन के दौरान स्कूल की प्राचार्या के तबादले की मांग की गई। कहा गया कि उस स्कूल में प्राचार्या पढ़ाती है उसमें बेटियों को जाने से डर लगता है।

बाबरा मोहल्ला निवासी महिला की मौत मामले में पुलिस के ढुलमुल रवैये और शहर में बढ़ती गुंडागर्दी के खिलाफ नागरिक सुरक्षा एवं न्याय संघर्ष समिति ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे से लोग हुडा सिटी पार्क में एकत्रित होने लगे। जब काफी संख्या में लोग जुट गए तो लोग लघु सचिवालय की तरफ रोष प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़े। दोपहर 12:30 बजे प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यहां पहले से भारी संख्या में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी तैनात थे। करीब एक घंटे बाद डीसी अतुल कुमार आए। डीसी ने आते ही महिला नेता अंजू से कहा कि हाथ में माइक क्यों पकड़ रखा है? डीसी के सवाल से प्रदर्शनकारी भड़क गए। माहौल को देखते हुए जब डीसी नरम हुए तो प्रदर्शनकारी उन्हें सुनने को तैयार नहीं हुए। डीसी ने कहा कि जितनी बेइज्जती करनी है कर लो। इसके बाद डीसी ने प्रदर्शनकारियों की समस्याएं सुनी और कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक क्रमिक भूख हड़ताल करने की चेतावनी पर डीसी तैश में आ गए और चले गए।
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दोपहर 1:46 बजे एएसपी हिमांशु गर्ग आए और मामले में चल रही कार्रवाई के बारे में बताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एएसपी के समक्ष सवालों की झड़ी लगा दी। एएसपी ने भी कहा कि धरना देने से मामले नहीं सुलझाए जाते। यह ब्लाइंड मर्डर है, इसमें समय लगेगा। इस पर महिला की छोटी बेटी तनू बिफर पड़ी। जब बात बनती नहीं दिखी तो एएसपी चले गए। इस बीच सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आगे की रणनीति को लेकर वहीं एक बैठक की। कमेटी ने फैसला लिया कि मंगलवार से लघु सचिवालय में रोजाना पांच व्यक्ति क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे। जब तक महिला की हत्या के आरोपी पकड़े नहीं जाते, तब तक अनशन जारी रहेगा। दोपहर 2:43 बजे डीएसपी पुष्पा खत्री आई। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने। दोपहर 3:30 बजे, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए प्रदर्शन को खत्म किया।

ये रहे मौजूद

रोष प्रदर्शन में महिला के परिजन, संदीप सिंह, विनोद, प्रीत सिंह, सविता, विनोद पांचाल, प्रकाशचंद्र, समुंद्र सरपंच, श्री भगवान पूर्व सरपंच, कमलेश लाहली, जिला पार्षद राजित, दया लाठिया, वीना मलिक, सपना, गीता, मंजू, सबिता, महावीर मलिक, एडवोकेट देवेंद्र, सोनू कलानौर, बिजेंद्र बलियाणा, रामफल, नरेश कुमार, नारायण, बलवान खरक, हरि प्रसाद शामिल हुए।

इन संगठनों ने दिया समर्थन

प्रदर्शन को नागरिक मंच, एसएफआई, जनवादी महिला समिति, सीटू, नौजवान सभा, डीवाईएफआई, मूल प्रवाह नेपाली एकता समाज, छात्र एकता मंच, भवन निर्माण कामगार यूनियन, कबीर अनुभूति सेवा समिति, सर्व कर्मचारी संघ, दलित अधिकार मंच, किसान सभा, पूर्वाचंल एकता समिति, जनवादी महिला समिति ने समर्थन दिया।
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