बाबा रामदेव के विवादित बयान पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। शहर में सीएम का कार्यक्रम होने की वजह से एसपी और डीएसपी कोर्ट नहीं पहुंच सके। उनकी ओर से उनके वकील ने अदालत में उनका पक्ष रखा और उनकी विवशता बताई। इसके बाद कोर्ट ने 22 जुलाई को अगली सुनवाई तय कर दी। इस सुनवाई पर एसपी और डीएसपी को अदालत में हाजिर होने के लिए कहा गया है।
बता दें कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव के बाद नई अनाज मंडी में सद्भावना सम्मेलन रखा गया था। सम्मेलन में बाबा रामदेव ने भारत माता की जय नहीं बोलने वाले एक नहीं, बल्कि हजारों के सिर काटने जैसा विवादित बयान दिया था। इस बयान पर ही कांग्रेस के पूर्व गृहमंत्री सुभाष बत्तरा ने बाबा रामदेव पर मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास शिकायत दी। लेकिन वहां मुकदमा दर्ज नहीं होने पर कोर्ट में याचिका डाली गई, जिस पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसमें कोर्ट से एसपी व डीएसपी को नोटिस भेजकर 15 जुलाई को पेश होने के लिए कहा गया था। मामले में शुक्रवार को एसपी व डीएसपी की ओर से वकील जोगेंद्र कुमार कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को लिखित में बताया कि शहर में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम है, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपी व डीएसपी व्यस्त हैं। इस कारण वह कोर्ट नहीं आ सकते हैं।