सजा सोमवार को होगी, विजिलेंस ने पकड़ा था रंगेहाथ, कोर्ट में चल रहा था मामला
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ठेकेदार का 65 लाख का बिल पास कराने के लिए रिश्वत मांगने वाले पीजीआई के बजट प्लानिंग अफसर पर दोष साबित हो गया है। ठेकेदार ने विजिलेंस में शिकायत करके अफसर को रंगेहाथ पकड़वाया था। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की कोर्ट ने शुक्रवार को उसे दोषी मान लिया। अदालत अब सोमवार को सजा सुनाएगी।
झज्जर के बिसान के रहने वाले हरेंद्र सिंह वर्ष 2013 में डेल्टा गार्ड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत थे। इस कंपनी के पास पीजीआई का सफाई कर्मचारी व बैरर का ठेका था। ठेका एक जनवरी 2013 से शुरू हुआ और उनका पीजीआई पर सितंबर 2013 तक 65 लाख रुपया बकाया था। कंपनी के अधिकारियों ने बकाया रुपया देने के लिए पत्र दिया तो पीजीआई के बजट प्लानिंग अफसर एसएन चावला ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग ली। इस पर हरेंद्र सिंह ने विजिलेंस में शिकायत कर दी और बजट प्लानिंग ऑफिसर को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़वा दिया। मामले में हरेंद्र सिंह की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसके बाद से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार ने सबूत व गवाहों के आधार पर एसएन चावला को दोषी करार दिया।