हरियाणा के रोहतक में लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन जसिया गांव के एक पोलिंग बूथ पर उस समय हंगामा हो गया, जब एक लड़की ने पुलिसकर्मी पर मोबाइल नंबर देने का आरोप लगाया। लड़की के परिजन व ग्रामीण पुलिसकर्मी को पकड़कर घिलौड़ पुलिस चौकी में ले गए और साथ में धुनाई भी की। थाना प्रभारी मुरारी लाल का कहना है कि गलतफहमी के चलते विवाद हुआ। शिकायत पर जांच पड़ताल कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, एक पुलिसकर्मी की जसिया गांव में एक पोलिंग बूथ पर ड्यूटी थी। बूथ पर एक लड़की परिवार सहित वोट डालने पहुंची थी। लड़की ने परिजनों को बताया कि आरोपी सिपाही उसे अपना मोबाइल नंबर दे रहा है। इससे परिजन व ग्रामीण बिफर गए। पुलिसकर्मी से मारपीट की गई और उसे पकड़कर घिलौड़ पुलिस चौकी में ले जाया गया।
10 से 15 ग्रामीण भी चौकी में पहुंच गए। मामले की सूचना पाकर डीएसपी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की। सिपाही चौकी में ही रहा, जबकि ग्रामीण लौट आए। सदर थाना प्रभारी मुरारी लाल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी के चलते विवाद हुआ। कोई मोबाइल नंबर नहीं दिया पाया गया। जांच पड़ताल कर रहे हैं। अभी किसी तरह का केस दर्ज नहीं किया गया है।
फरमाणा में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी की बिगड़ी तबीयत
महम चौबीसी के गांव फरमाणा के बूथ नंबर 20 पर हवलदार प्रवीण तैनात थे। वह शुगर से पीड़ित हैं। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। तत्काल महम के सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया गया। बाद में उनको छुट्टी दे दी गई।
माइक्रो ऑॅब्जर्वर ने जताई आपत्ति, एसपी पहुंचे रिठाल फौगाट
उधर, करीब एक बजे माइक्रो ऑॅब्जर्वर रिठाल फोगाट गांव में पहुंचे। पता चला कि कुछ ग्रामीण बुजुर्गों को साथ लेकर ईवीएम तक जा रहे हैं। आपत्ति के बाद एसपी हिमांशु गर्ग खुद गांव में पहुंचे। अधिकारियों से बात की, साथ ही ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से कहा कि केवल उसी व्यक्ति के साथ परिजन को जाने दिया जाए, जो बिलकुल दिखने में असमर्थ है।
सांघी में नेम प्लेट उतारकर बोगस पोलिंग कराने की अफवाह
वहीं, दोपहर करीब 12 बजे सोशल मीडिया पर सूचना फैली कि सांघी गांव में तीन पुलिसकर्मी नेम प्लेट उतारकर बोगस पोलिंग करवा रहे हैं। पुलिस अधिकारी तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। तत्काल पुलिस प्रवक्ता सन्नी सिंह ने स्थिति स्पष्ट की कि ऐसा कुछ नहीं है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है।
जिले में मतदान शांतिपूर्ण रहा। किसी तरह हिंसा व घटना नहीं हुई। जसिया में पुलिसकर्मी पर लड़की को मोबाइल नंबर देने का आरोप लगा है, जबकि महम में एक पुलिसकर्मी की तबीयत बिगड़ गई थी।
-सन्नी सिंह, इंचार्ज सिक्योरिटी ब्रांच व पीआरओ पुलिस अधीक्षक कार्यालय