फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्रेक फेल होने पर चालक ने डिवाइडर में बस दौड़ाकर बचाई सवारियों की जान, पलटने पर 10 घायल

Sun, 26 Jun 2016 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
आईएमटी के पास ब्रेक फेल होने से रोडवेज बस पलटी - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
ब्रेक फेल होने से गुड़गांव से रोहतक आ रही रोडवेज की बस आईएमटी चौक के पास पलट गई। हालांकि, चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। चालक ने सवारियों की जान बचाने और स्पीड कम करने के लिए डिवाइडर पर बस को चढ़ा दिया। करीब 50 मीटर डिवाइडर पर चलने और पेड़ से टकराते हुए बस सड़क के दूसरी तरफ जाकर पलट गई। हादसे में चालक सहित 10 सवारियों को मामूली चोटें आईं। घायलों को आसपास के लोगों की मदद से पीजीआई और शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में चालक को ज्यादा चोटें आई हैं। वह शहर के निजी अस्पताल में भर्ती है।
विज्ञापन


शनिवार सुबह गुड़गांव रोडवेज डिपो की बस रोहतक के लिए चली थी। बस में 35 से 40 सवारियां थीं। चालक सुरेंद्र बस चला रहे थे, जबकि परिचालक दुबलधन माजरा के सोमबीर थे। दोपहर करीब 12 बजे आईएमटी चौक के पास चालक ने जैसे ही बस में ब्रेक लगाने का प्रयास किया तो नहीं लगे। बस के ब्रेक फेल होने की जानकारी होने पर चालक घबरा गया। उस दौरान बस की स्पीड 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी। वहीं एक कार बस के आगे चल रही थी और एक अन्य कार ओवरटेक करके अचानक सामने आ गई। कार और बस सवारों को बचाने के लिए चालक ने समझदारी से काम लिया।

चालक सुरेंद्र ने बस की स्पीड कम करने और कार सवारों को बचाने के लिए बस को डिवाइडर पर चढ़ा दिया। बस का आधा हिस्सा डिवाइडर पर था और आधा सड़क पर। करीब 50 मीटर तक डिवाइडर पर लगे पेड़ों से टकराते हुए बस की स्पीड़ कम हो गई। इसी बीच सवारियों को मजबूती से पकड़ने के लिए भी चेता दिया गया। अचानक बस अनियंत्रित होकर दूसरी तरफ रोहतक की ओर से आने वाली सड़क पर जाकर पलट गई। बस चालक की तरफ पलटी। इस कारण सवारियां एक दूसरे पर गिर गईं और अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों की मदद से घायल चालक सुरेंद्र, परिचालक सोमबीर, 8वीं कक्षा की छात्रा सोनाक्षी और उसकी मां ममता सहित अन्य को पीजीआई एवं शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ममता अपनी बेटी सोनाक्षी के साथ आसन गांव आ रही थी। यहां उनकी ससुराल है। वहीं देर शाम को सड़क से बस को क्रेन के जरिए हटाया जा सका।
विज्ञापन


घायलों की जुबानी हादसे की हकीकत

दूसरी तरफ सड़क खाली थी तभी डिवाइडर पर चढ़ाई : सोमबीर

आईएमटी चौक पर ही बस के ब्रेक फेल होने का पता चल गया था। बस की स्पीड और सवारियों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं सूझ रहा था। अचानक बस के सामने ओवरटेक करके एक कार भी आ गई और एक कार पहले ही सामने थी। दूसरी ओर रोहतक की तरफ से आने वाली सड़क खाली थी। उस पर वाहन नहीं था। सुरेंद्र ने बस को डिवाइडर पर चढ़ा दिया, ताकि स्पीड कम हो सके। जब तक सवारियों को भी संभलने का मौका मिल गया। इस कारण सभी की जान बच गई।

जैसे ही मैंने किताब खोली तो अचानक झटका लगा: सोनाक्षी

मैं चालक के पीछे वाली सीट पर बैठी थी। जबकि मम्मी दूसरी तरफ सीट पर बैठी थीं। नींद नहीं आने के कारण मैंने अपने बैग से पढ़ने के लिए किताब निकाली। जैसे ही मैंने किताब खोली तो अचानक तेज झटका लगा। सामने वाले शीशे में देखा तो बस पेड़ों को तोड़ती हुई आगे चल रही थी। इसके बाद बस में भगदड़ सी मच गई। कुछ ही देर में बस सड़क पर पलट गई। मेरे हाथों में चोट आई है।

झपकी लग गई थी, शोर सुना तो खुली आंख: ममता

हादसे से कुछ ही देर पहले मुझे झपकी लग गई थी। जब बस डिवाइडर पर चढ़ी तब एक बार आंख खुली। इसके बाद मैंने फिर आंख बंद कर ली। जब सवारियों ने शोर मचाया तो फुटपाथ पर बस को चलता देख घबरा गई। इसके बाद मैंने सबसे पहले अपनी बेटी को देखा। बेटी चालक की साइड में बैठी थी। जब तक बेटी को संभालती तब तक बस पलट गई। शुक्र  रहा बस में सभी सही सलामत रहे। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें