पीजीआई के मेंटल इंस्टीट्यूट में मानसिक रोगी महिला संग दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने शनिवार को सभी के बयान दर्ज कराए। पीड़िता को पुलिस कोर्ट में लेकर पहुंची, लेकिन वह बयान नहीं दे सकी। उसकी जगह पुलिस ने तर्क दिया कि पीड़िता ने आरोपी को पहचान लिया था और उसके सामने फिर से आरोपी को खड़ा किया जाए तो वह उसे पहचान लेगी। वहीं, पुलिस ने मेंटल इंस्टीट्यूट के स्टाफ के भी बयान दर्ज किए हैं, जिससे जांच को आगे बढ़ाया जा सके।
सोनीपत के बरौदा क्षेत्र में घूमती मिली महिला को गोहाना के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां डाक्टरों ने उसे मानसिक रोगी बताया था और गोहाना एसडीएम के आदेश पर महिला को पीजीआई के मेंटल इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया था। यहां के एक कर्मचारी उमेश गिरी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। इसका खुलासा महिला के गर्भवती होने पर हुआ और डीएमएस डॉ. अमित सोनी ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसे कोर्ट में पेश करके जेल भेजा गया था। इस मामले में अब पुलिस जांच कर रही है, जिसमें सभी के बयान दर्ज कराए जा रहे हैं।
आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं परिवार के लोग
महिला संग दुष्कर्म मामले की जांच कर रही एएसआई विद्यावती के अनुसार वह महिला करनाल के घरौंडा के एक गांव की रहने वाली है। महिला के परिवार की कुछ महिलाएं उनके पास पहुंचीं और इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। परिवार के लोगों ने बताया कि महिला की गुमशुदगी घरौंडा थाने में दर्ज कराई थी। अब उसके बारे में पता चला कि वह यहां भर्ती है।