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जेल से बाहर आते ही युवकों का दर्द भी बाहर आ गया

Tue, 18 Oct 2016 01:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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jail - फोटो : demo pic
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समाज की नफरत और दुत्कार के 81 दिन जगमोहन, संदीप, अमित, संदीप हुड्डा और प्रमोद शायद ही कभी भूल पाएंगे। जेल के अंदर पांचों युवकों को कैदी दुत्कारते थे, तो जेल से बाहर उनके परिजनों को नफरत की निगाह से देखा जाता था। सोमवार रात अदालत के आदेश के बाद जेल से बाहर आते ही गैंगरेप के आरोप में पकड़े गए जगमोहन और अमित का दर्द भी बाहर आ गया। युवकों के परिजनों ने आरोप लगाने वाली छात्रा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। कोर्ट के आर्डर की कॉपी मिलते ही युवक कानूनी कार्रवाई शुरू कर देंगे।
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भाई के लिए संबल बना हरबंस

जब लड़की के आरोप सुर्खियों में आये तो पुलिस में कार्यरत हरबंस अपने भाई जगमोहन को लेकर पुलिस के पास पहुंच गया। हरबंस कहते हैं कि उन्हें मालूम था कि उनका भाई निर्देष है। पूरा भरोसा था कि उसने कोई गलत काम नहीं किया है। लेकिन भाई का जेल जाना परिवार के लिए दुखदायी रहा। इसके बावजूद हरबंस ने सच सामने लाने के लिए दिन रात एक कर दी। भाई की सीसीटीवी फुटेज से लेकर मोबाइल की लोकेशन तक हरबंस ने पुलिस को मुहैया कराई। इसके बाद वह कोर्ट की हर तारीख पर भाई से मिलने आते रहे और ढांढस बंधाते रहे। आखिरकार हरबंस ने साबित कर दिया कि उनका भाई गैंगरेप जैसी किसी वारदात में शामिल नहीं था।

रिश्ते की भी गरिमा बनी संदीप की पत्नी, करवाचौथ से दो दिन पहले दिखा चांद

पति पर गंभीर आरोप लगने के बावजूद उसकी पत्नी गरिमा साथ खड़ी रही। तमाम परेशानियों और गुजारिशों पर सुनवाई नहीं होने के बावजूद वह विचलित नहीं हुई। पति की हर पेशी पर अदालत आने से लेकर पुलिस अधिकारियों और नेताओं तक से गुहार लगाती रही। हर उस दर पर उसने दस्तक दी जहां से उम्मीद की कोई किरण नजर आई। बिना खाए-पीये दिन-रात भिवानी से आकर रोहतक में पड़ी रही, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। यही वजह रही कि करवाचौथ से दो पहले पति के जेल से बाहर आने पर उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। पति पर अपने विश्वास से उसने अपने नाम की तरह रिश्ते की गरिमा को भी बढ़ा दिया। पति की रिहाई की खबर सुनने के बाद गरिमा का कहना था कि हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा था। अब साबित हो गया है कि लड़की ने झूठे आरोप में पति सहित अन्य को फंसाया था। पति के झूठे केस में फंसने के बाद हमारे परिवार की साख धूमिल हुई है। घर में कोेई कमाने वाला नहीं होने के कारण कर्ज लेकर परिवार का गुजारा चलाया।
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परिवार की साख गिरी, अब लड़की पर करेंगे मानहानि का दावा

परिवार की बदनामी से आहत युवकों के परिवार ने लड़की को सबक सिखाने की तैयारी की है। संदीप की पत्नी गरिमा का कहना है कि लड़की ने उनके पति पर जो आरोप लगाये हैं उससे परिवार की साख को खराब हुई है। एक बार नहीं दूसरी बार लड़की ने संदीप को फंसाया। गरिमा ने कहा कि दो महीनों तक सामाजिक बहिष्कार जैसी स्थिति झेलने के बाद अब पीड़ित परिवार लड़की के खिलाफ मानहानि का केस करेगा।

182 पुलिस तो 195 की शिकायत करेंगे युवक

युवकों के जेल से रिहा होेने के बाद आरोप लगाने वाली लड़की की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। यदि अदालत सभी युवकों को आरोपमुक्त कर देती है तो पुलिस युवती के खिलाफ आईपीसी 182 झूठी शिकायत देकर केस दर्ज करवाना, में केस दर्ज कर सकती है। दूसरी तरफ जेल से रिहा होने वाले युवक आईपीसी की धारा 195 में युवती के खिलाफ शिकायत देंगे। इसमें दोषी पाए जाने पर युवती को उतनी ही सजा मिलेगी जिन सजाओं की धाराओं में उसने युवकों पर केस दर्ज करवाया था। अब सभी को कोर्ट के आर्डर का इंतजार है। दूसरी तरफ, लड़की का परिवार पहले से ही हाईकोर्ट जा चुका है।

गैंगरेप के आरोपी उस दिन कहां थे

मामला सामने आने के बाद अमित, जगमोहन और संदीप के परिजनों ने भिवानी, रोहतक व कुरुक्षेत्र की कुछ सीसीटीवी फु टेज जारी की थी। फुटेज के अनुसार दोपहर सवा 12 बजे अमित अपनी भतीजी को लेने भिवानी के एक स्कूल गया था। यहां से दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक फ्रेंड्स कॉलोनी में उसकी लोकेशन थी। इसी तरह जगमोहन सुबह 11 से पौने 2 बजे तक जगमोहन बैंक में था। शाम को पौने 5 बजे ऑटो मार्केट में कार की सर्विस करा रहा था। वहीं, संदीप सुबह 4.20 की ट्रेन से अंबाला गया और 11 बजे कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुआ। डेढ़ बजे तक इस्माइलाबाद में रहने के बाद शाम साढ़े पांच बजे वापस चला था।

लड़की ने झूठे केस में युवकों को फंसाया था। कोर्ट का आर्डर आने पर उसके खिलाफ युवकों से 195 की शिकायत दिलवाई जाएगी। साथ ही पुलिस से 182 में कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।
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- हरेन्द्र भालौठिया, आरोपी पक्ष के वकील
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