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रंगदारी मांगने वाले पर दर्ज कराया केस, चार घंटे बाद ही मौत

Tue, 11 Oct 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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मुख्य आरोपी अजय हुड्डा सहित चार लोग गिरफ्तार, डबल मर्डर में आरोपी रहा है अजय - फोटो : amar ujala
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रंगदारी वसूलने वाले के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराने के चार घंटे बाद ही रेहड़ी संचालक गुलशन कुमार की मौत हो गई। उसका शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर की छत पर मिला। शिकायत दर्ज करवाने से अनजान परिजनों ने रविवार को उसका दाह संस्कार कर दिया। सोमवार को खबर छपने के बाद उन्हें घटना की जानकारी हुई। बताया जा रहा है कि गुलशन के पुलिस में रंगदारी मांगने की शिकायत करने के बाद कुछ लोग उसके घर दबाव बनाने के लिए गए थे, लेकिन परिजन इससे इनकार कर रहे हैं। जबकि पुलिस का कहना है कि गुलशन की मौत हार्ट अटैक से हुई है।
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गुलशन की मौत के बाद शहर में सुरक्षा के पुख्ता दावे करने वाली पुलिस की चुस्ती और सख्ती पर सवाल उठने लगे हैं। यदि समय रहते रेहड़ी वालों से वसूली करने वाले को पकड़ लिया जाता तो शायद गुलशन आज परिवार के बीच होता। बताया जा रहा है कि मेडिकल मोड़ पर रेहड़ी लगाने वालों ने कुछ दिन पहले रंगदारी वसूलने की शिकायत एसपी से की थी, लेकिन उन्होंने इसकी अनदेखी कर दी। हालांकि, गुलशन की मौत के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी सांघी निवासी अजय हुड्डा सहित उसके साथी सांघी के जितेंद्र, किलोई के प्रदीप उर्फ नीरज और जींद के गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी रवि उर्फ ढीलू को लघु सचिवालय की पार्किंग से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी को सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। दो फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
 
केस दर्ज करवाने से लेकर मौत का सफर  

रंगदारी वसूलने का आरोपी अजय हुड्डा से परेशान होकर गुलशन ने रेहड़ी वालों से सलाह मशविरा किया था। गुलशन के भाई सुभाष ने बताया कि शनिवार शाम गुलशन कुछ रेहड़ी वालों के साथ जाने की बात कहकर घर से निकला था। देर शाम करीब सात बजे गुलशन ने अन्य साथियों के साथ अजय के खिलाफ पीजीआई थाने में केस दर्ज करवाया। लेकिन वह देर रात तक घर नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू की गई। परिजन उसे तलाश करने मेडिकल मोड़ भी पहुंचे। यहां उसके साथी रेहड़ी वालों ने बताया कि वह कुछ देर बाद चला गया था। रात करीब 10.30 बजे तक परिजन गुलशन को खोजते रहे। बाद में जब परिजन तीसरी मंजिल की छत पर पहुंचे तो वहां गुलशन का शव पड़ा था। परिजनों को गुलशन ने केस दर्ज करवाने के बारे में नहीं बताया था। इसलिए परिजनों ने सामान्य मौत समझकर गुलशन का रविवार को ही दाह संस्कार कर दिया। परिजनों ने बताया कि सोमवार को अखबारों में खबर छपने के बाद उन्हें घटना के बारे में पता चला।
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केस दर्ज करवाने के बाद गुलशन के घर पहुंचे थे बदमाश

गुलशन कु मार ने अजय हुड्डा के खिलाफ केस तो दर्ज करवा दिया, लेकिन उसके बाद से ही वह परिवार की सुरक्षा को लेकर तनाव में आ गया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि शनिवार शाम को कुछ लोग गाड़ी में सवार होकर गुलशन के घर आये थे। उन्होंने गुलशन के परिजनों से केस में समझौता करने की बात कहकर जान से मारने की धमकी दी थी। हालांकि, गुलशन के परिजनों ने किसी के भी घर आने की बात से इनकार किया है।

परिवार में नहीं रहा कोई कमाने वाला

गुलशन की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में है। परिवार में उनकी पत्नी और बेटी है। बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ती है। रेहड़ी लगाकर गुलशन के परिवार का गुजारा चलता था। गुलशन की मौत के बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। परिवार सोमवार को घर में ताला लगाकर मंदिर में बैठा रहा। गुलशन के भाई सुभाष ने बताया कि इतना कुछ होने के बाद भी पुलिस उनके पास नहीं आई।

रेहड़ी वाले बोले कि अजय के नाम से होती थी वसूली

मामले में सोमवार को मेडिकल मोड़ पर रेहड़ी लगाने वाले लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि तीन चार आरोपी लग्जरी गाड़ी में आते थे। गाड़ी में से दो तीन युवक बाहर निकलते थे और रेहड़ी वालों से कहते थे कि यह जगह अजय हुड्डा ने ठेके पर ले रखी है। इस कारण रेहड़ी लगाने पर रुपये देने होंगे। रेहड़ी वालों ने बताया कि वसूली करने वाले खुद को अजय का साथी बताते थे।
 
सांघी के डबल मर्डर में आरोपी रहा है अजय हुड्डा

मामले में पकड़ा गया अजय हुड्डा का आपराधिक रिकार्ड रहा है। वह वर्ष 2011 में सांघी में हुए डबल मर्डर केस में आरोपी रह चुका है। हालांकि, इस मामले में वह बरी हो गया था। बाद में एक गिरोहबंदी के मामले में भी अजय के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। जांच अधिकारी एएसआई नरेश कुमार ने बताया कि इस मामले में वह जमानत पर है। जांच अधिकारी ने बताया कि अजय से पूछताछ की जा रही है, ताकि उसके साथियों के बारे में पता चल सके। जब अजय को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया तो उसने कहा कि उसे फंसाया जा रहा है। अजय ने बताया कि उसने कभी वसूली नहीं की है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जितेंद्र उर्फ जीतू सरकारी पार्किंग ठेके पर चलाने का काम करता है। उसने लघु सचिवालय स्थित पार्किंग का ठेका ले रखा है। फरार चल रहे गांव सांघी निवासी अंकित ने मेडिकल मोड़ स्थित संग्रहालय का ठेका ले रखा है। अजय के साथ अंकित की दोस्ती है। मामले में विकास नाम का आरोपी भी फरार है। रिमांड अवधि में पुलिस आरोपियों से वारदात में प्रयोग हथियार और गाड़ी बरामद करने का प्रयास करेगी। साथ ही वसूली गई रकम के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
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वर्जन
अभी अजय से पूछताछ की जा रही है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जाएगी। साथ ही उसके साथियों के बारे में भी जानकारी इकट्ठा की जा रही है।
- एएसआई नरेश कुमार, जांच अधिकारी
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