महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के फिजिकल एजूकेशन डिपार्टमेंट में हुए विवाद के मामले में नया मोड़ आ गया है। एचओडी के खिलाफ कार्रवाई की मांग लेकर दोनों महिलाओं ने दो दिन पूर्व आमरण अनशन शुरू किया है। अब एचओडी की शिकायत पर पूर्व महिला फैकल्टी के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी हासिल करने का मामला दर्ज किया गया है। जबकि दूसरे फैकल्टी और उनकी मां के खिलाफ कार्यालय में घुसकर मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला पीजीआई थाना पुलिस ने दर्ज किया है। उधर, पुलिस के अनुसार, शनिवार शाम फैकल्टी की मां की शिकायत पर एचओडी के खिलाफ भी मारपीट, छेड़खानी और धमकी देने का मामला दर्ज कर लिया गया।
पूर्व महिला फैकल्टी पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र देने का आरोप
एचओडी प्रो. भगत सिंह की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2014 में डिपार्टमेंट में एक महिला ने गेस्ट फैकल्टी के पद पर ज्वाइन किया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन के आदेश पर सभी गेस्ट फैकल्टी के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कराया गया। आरोप लगाया कि महिला फैकल्टी ने अपने दस्तावेज वापस ले लिए और बाद में बताया कि वह गायब हो गए हैं, जिसकी एफआईआर कराई गई है। फिर भी डिपार्टमेंट की तरफ से छत्रपति शाहू जी महाराज यूनिवर्सिटी कानपुर से उनके दस्तावेजों की जांच कराई गई। कानपुर यूनिवर्सिटी की तरफ से बताया गया कि महिला फैकल्टी ने न तो एमए की डिग्री और और न ही पीएचडी की है। वेरिफिकेशन का पता चलते ही महिला फैकल्टी ने इसी वर्ष सितंबर माह में नौकरी को छोड़ दिया। इसके बाद उन पर बिना वजह आरोप मढ़ दिए। अब महिला फैकल्टी के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी करने का मामला दर्ज किया गया है।
दूसरे फैकल्टी और उनकी मां पर मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालाने का आरोप
एचओडी की तरफ से दूसरी महिला के खिलाफ दी गई शिकायत में कहा गया है कि उनका बेटा डिपार्टमेंट में नौकरी करता है। बेटे के खिलाफ कुछ दिन पहले एक आपराधिक मामला सामने आया था, जिसे उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को अवगत करा दिया था। इसी वजह से महिला और उसका बेटा रंजिश रखते हैं। शिकायत में कहा है कि 24 सितंबर को महिला अपने बेटे और पति के साथ कार्यालय में आयी और मारपीट शुरू कर दी। महिला ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा दिया। यूनिवर्सिटी कमेटी ने भी दोनों मामलों की जांच की, जिसमें आरोप गलत पाए गए। महिला और उसके फैकल्टी बेटे के खिलाफ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज हुआ है।
तीसरे दिन भी जारी रहा महिलाओं का आमरण अनशन
एचओडी के खिलाफ महिलाओं का आमरण अनशन शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। आमरण अनशन पर बैठी पूर्व महिला फैकल्टी का कहना है कि एचओडी ने उनका उत्पीड़न किया था। इसी वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी। महिलाओं का कहना है कि पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नेता एचओडी की मदद कर रहे हैं। इसीलिए न्याय नहीं मिल रहा है। महिलाओं के समर्थन में बैठे डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रम डूमोलिया ने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। छात्र संगठन महिलाओं के साथ हैं। इस मौके पर अमित नरवाल, कमलजीत सिंहमार, मंगल सिंह, अमन वशिष्ठ, नीरज गौतम, प्रवीण गोस्वामी और रवि कौशिक आदि मौजूद रहे।
एचओडी पर इन धाराओं में मुकदमा दर्ज
पीजीआईएमएस एसएचओ मंजीत सिंह ने बताया एचओडी प्रो. भगत सिंह के खिलाफ फैकल्टी की मां ने शिकायत दे रखी थी, जिसके आधार पर उनके खिलाफ 506, 354ए और 323 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
महिला की हुई मेडिकल जांच, एसएचओ भी पहुंचीं
शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम भी आमरण अनशन स्थल पर पहुंची। उन्होंने महिलाओं की मेडिकल जांच की, जिसमें महिलाओं का ब्लड प्रेशर अधिक पाया गया। इसके अलावा महिला थाना एसएचओ गरिमा ने भी मौके पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की।
यूनिवर्सिटी की छवि आए दिन हो रही धूमिल
एमडीयू को प्रदेश की ए ग्रेड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला हुआ है, लेकिन विवादों में भी इस यूनिवर्सिटी का कोई तोड़ नहीं है। पिछले पांच माह में यहां एक के बाद एक कई मामले ऐसे सामने आए, जिससे न केवल यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल हुई, बल्कि शिक्षण कार्य पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो फिजिकल एजुकेशन के मामले में शुरूआत से ही यूनिवर्सिटी की हीलाहवाली चलती रही। हालांकि बाद में कमेटी गठित कर जांच जरूर करा दी, लेकिन यदि शुरू में ही इस मामले को गंभीरता से लिया होता तो शायद यह इतना तूल ही न पकड़ता।
एचओडी ने उच्च अधिकारियों को शिकायत दी थी। अधिकारियों के आदेश पर दोनों महिला समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं फैकल्टी शनिवार शाम एचओडी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया गया है।
- मंजीत सिंह, एसएचओ पीजीआई थाना