देर रात पुलिस वाले की कार ने एक स्कूटी और कार को टक्कर मार दी। जब कार सवारों ने विरोध किया तो पुलिस कर्मी ने वर्दी का रौब झाड़ा। मामला इतना बढ़ गया कि आसपास के दुकानदारों ने पुलिस वाले की पिटाई की कर दी। पुलिस वाला भाग कर आर्य नगर पुलिस चौकी पहुंचा तो लोग वहां भी पहुंच गए। लोगों का आरोप था कि पुलिस वाले ने वर्दी का रौब दिखाकर बदतमीजी की है। देर रात तक पुलिस चौकी में हंगामा चलता रहा। शिकायत करने वाले युवकों का कहना था कि पुलिस उन पर समझौते का दबाव बना रही है। लेकिन उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात सुरेंद्र, संजय और सोमवीर अपनी कार से गुरुग्राम से लौट रहे थे। मूलरूप से भिवानी के रहने वाले तीनों युवक किसी काम से गुरुग्राम गए थे। रात में जब वह शांत माई चौक पर पहुंचे तो एक आई-10 कार ने पहले एक स्कूटी को टक्कर मार दी। उसी कार ने संजय की भी कार को टक्कर मार दी। जब इन लोगों ने विरोध किया तो आई-10 कार से एक युवक निकला। उसने अपने आपको पुलिस वाला बताया। उसने तीनों युवकों पर वर्दी की धौंस जमाई।
इस पर तीनों युवकों ने आसपास के दुकानदारों से कहा कि देखो आपके शहर में क्या हो रहा है। यह आदमी खुद को पुलिस वाला बताकर बदतमीजी कर रहा है। कार से लोगों को टक्करें मार रहा है। तीनों युवकों की बात सुनकर दुकानदार इकट्ठा हो गए। आरोप है कि उन्होंने खुद को पुलिस वाला बताने वाले से बातचीत करनी चाही तो वह उनसे भी उलझ गया। इस पर बात बढ़ गई और नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। इस बीच पुलिस वाला आर्य नगर पुलिस चौकी में आ गया तो उसके पीछे-पीछे दुकानदार और तीनों युवक भी आ गए।
तीनों युवकों का आरोप है कि पुलिस उन पर समझौता करने का दबाव बना रही है। लेकिन उन्होंने समझौता करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। इसी बात को लेकर देर रात तक पुलिस चौकी में हंगामा चलता रहा।