हरियाणा के रोहतक में लाखनमाजरा खंड के गांव गुगाहेड़ी में छह दिन पहले हुए शीशपाल हत्याकांड में पुलिस ने नामजद तीनों आरोपियों कर्मबीर उर्फ बल्लू, नसीब व कर्मबीर के भांजे जींद जिले के गांव कसौला निवासी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश कर छह दिन के रिमांड पर लिया गया। इसके बावजूद परिजनों ने गांव के पूर्व सरपंच की गिरफ्तारी की मांग रखते हुए शव लेने से इन्कार कर दिया।
डीएसपी महम संदीप कुमार ने बताया कि एक अक्तूबर को गुगाहेड़ी गांव निवासी साहिल ने शिकायत दी कि उसकी दादी किशनदेवी सुबह करीब 10 बजे रेहड़ी वाले से सब्जी खरीद रही थी। उसी दौरान गांव का युवक कर्मवीर उर्फ बल्लू शराब के नशे में आया और बेवजह गाली-गलौच करने लगा। साहिल के पिता शीशपाल ने इसका विरोध किया और कर्मबीर को समझाया।
आरोपी ने धमकी दी कि उसे सूर्यास्त होने से पहले गोली मरवा देगा। शाम चार बजे जब शीशपाल 4 बजे पड़ोसी रामकुमार की बैठक में ताश खेल रहे लोगों के पास बैठा था। तभी कर्मबीर उर्फ बल्लू अपने भांजे व गांव के युवक नसीब के साथ बाइक पर आया।
आते ही आरोपियों ने उसके पिता शीशपाल पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। छह गोलियां लगने से शीशपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पीजीआई में दाखिल कराया गया, जहां रात ढाई बजे उसने दम तोड़ दिया।
विज से मिलनेगए थे, लेकिन सांसद से ही मिल सके
मृतक शीशपाल के परिजनों ने बताया कि तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से वे संतुष्ट नहीं है। मामले में पूर्व सरपंच की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जाए। उसकी गिरफ्तारी से पहले परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया। एसपी से मिलने के बाद परिजन पीजीआईएमएस में चल रहे दीक्षांत समारोह के बाहर पहुंचे। उनको बताया गया कि गृहमंत्री नहीं आए हैं। इसके बाद सांसद अरविंद शर्मा ने मृतक के परिजनों से बात की। इसके बाद डीएसपी महम को फोन कर कार्रवाई के लिए कहा। वहां से परिजन पीजीआई के डेड हाउस में रखे शीशपाल के शव को लिए बगैर गांव चले गए।
आरोपी कर्मबीर, नसीब व प्रदीप को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से छह दिन के रिमांड पर लिया गया है। गहराई से पूछताछ कर वारदात में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जाएगी। अभी परिजनों ने शव नहीं लिया है।
-सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना लाखनमाजरा