आपके बच्चे स्टाइलिश फोटो के शौकीन हैं और इस शौक के लिए दूसरों का मोबाइल प्रयोग करते हैं या निजी फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं, तो संभल जाइए। उनकी यह आदत उन्हें बड़ी परेशानी में डाल सकती है। यह हम नहीं, चाइल्ड हेल्प लाइन के आंकड़े बता रहे हैं, जहां इस संबंध में लगातार शिकायतें आ रही हैं। इसमें बताया जा रहा है कि किस तरह से ऐसी फोटो का दुरुपयोग कर उत्पीड़न किया जा रहा है।
खासतौर पर किशोरियों को निशाना बनाया जा रहा है। मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर कई परिजनों ने जब चाइल्ड हेल्पलाइन से गुहार लगाई तो जांच के दौरान अधिकतर मामलों में आरोपी भी करीबी और रिश्तेदार ही निकले। ऐसे में आमजन को जागरूक करने के लिए चाइल्ड हेल्प लाइन ने अमर उजाला से कुछ केस साझा किए, ताकि आप इसका शिकार होने से बच सकें।
मामला एक
पीजीआई थाना इलाके की एक बच्ची को अपने ही नाम से सोशल मीडिया पर फेक एकाउंट मिला। इस पर अपलोड फोटो उसी की थी। जबकि उसने यह एकाउंट नहीं बनाया। इसी पर उसकी कुछ आपत्तिजनक फोटो वायरल की गई थी। इस बारे में बच्ची ने चाइल्ड हेल्प लाइन पर फोन कर मदद मांगी। हेल्पलाइन ने साइबर टीम की मदद लेकर बच्ची की मदद की तो आरोपी पकड़ा गया और परिवार के ही एक नजदीकी नाबालिग के उत्पीड़न से बच्ची बच गई।
मामला दो
आर्य नगर थाना इलाके में भी एक फेक सोशल मीडिया एकाउंट का मामला सामने आया। इसमें एक छात्रा की फोटो प्रयोग की गई। यही नहीं, छात्रा को दोस्ती करने के मैसेज भी किए गए। ऐसा नहीं करने पर उसकी आपत्तिजनक फोटो वायरल करने की धमकी दी गई। बच्ची ने चाइल्ड हेल्प लाइन पर संपर्क किया तो आरोपी सहपाठी निकला। उसने फोटो का चेहरा दूसरे फोटो पर लगाकर इसे आपत्तिजनक बनाया था। बच्ची की जागरूकता ने उसे बचा लिया।
मामला तीन
सदर थाना इलाके की एक नाबालिग लड़की को लगातार दोस्ती करने के मैसेज आ रहे थे। उस पर दबाव बढ़ता जा रहा था। हालात ये हुए कि वह तनाव में आ गई। उसकी आपत्तिजनक फोटो वायरल करने का डर बनाया गया। चाइल्ड हेल्प लाइन ने सूचना मिलते ही उसकी मदद के लिए कार्रवाई की और आरोपी सहपाठी पकड़ा गया। इसने छात्रा को डरा कर दबाव बनाने के लिए फोटो एडिट की थी। नाबालिग का समय रहते चाइल्ड हेल्प लाइन से मदद लेना फायदेमंद रहा।
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मामला चार
झज्जर की लड़की एक बार रिश्तेदारी में शादी समारोह में गई थी। यहां एक नाबालिग ने अपने फोन की बैटरी नहीं होने के बहाने उसका मोबाइल मांगा। इसके बाद उसके सारे संपर्क नंबर अपने फोन में ले लिये। बाद में उसके रिश्तेदारों को लड़की से दोस्ती के मैसेज भेजे गए। चाइल्ड हेल्प लाइन व पुलिस ने कार्रवाई की तो लड़की की मौसी का बेटा पकड़ा गया तो उसने अपनी गलती मानी। तनावग्रस्त इस लड़की ने समय रहते हेल्प लाइन से मदद लेकर खुद को बचा लिया।
मोबाइल का हो रहा गलत प्रयोग
किशोर अवस्था में बच्चे बहक रहे हैं। वे मोबाइल का दुष्प्रयोग कर रहे हैं। अपने ही दोस्तों के फोटो लेकर उसे एप के जरिये एडिट करते हैं और उन्हें भेजकर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं। स्टाइलिश फोटो शूट करने के शौकीन या सेल्फी के लिए क्रेजी किशोर अक्सर दूसरों का फोन प्रयोग करते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी निजी फोटो अपलोड की जा रही हैं। इनका कुछ लोग गलत प्रयोग करते हैं। इससे बचने की जरूरत है। बच्चों की पार्टी में होने वाले फोटो भी ऐसे लोगों की नजरों में रहती हैं।
बच्चों के उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले पांच माह में 193 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से कुछ मामले साइबर अपराध से जुड़े हैं। किशोरों से दोस्ती का दबाव बनाने के लिए उनके एडिटेड फोटो प्रयोग किए गए हैं। इन बच्चों को समय रहते सूचना मिलने पर उत्पीड़न का शिकार होने से बचाया गया है। ऐसे मामलों में अभिभावक अक्सर चुप रहते हैं। इस कारण बच्चे तनाव में आ जाते हैं। कई बार वे दबाव में आकर गलत कदम उठा लेते हैं, इसलिए ऐसे बच्चे हेल्प लाइन से अपनी बात साझा कर सकते हैं। उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।
- सुभाष, संयोजक, चाइल्ड हेल्प लाइन।