पीजीआईएमएस में डाक्टरों के बीच चल रहे विवाद में शुक्रवार को सामाजिक और व्यापारिक संगठन भी सामने आ गए हैं। संगठनों ने डॉ. प्रवीण मल्होत्रा का समर्थन करते हुए राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर के घर पहुंचे और वहां प्रदर्शन किया। परंतु मंत्री घर पर नहीं थे। इसके बाद सभी मानसरोवर पार्क के पास स्थित ग्रोवर के कार्यालय पर पहुंचे और प्रदर्शन कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पीजीआईएमएस डायरेक्टर राकेश गुप्ता को भी हटाने की मांग की है। आरोप है कि डायरेक्टर पुलिस जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
बता दें, कि पीजीआईएमएस में गैस्ट्रोएनट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने संस्थान के डायरेक्टर समेत कई अन्य डाक्टरों की डीजीपी से शिकायत की थी। इसमें डॉ. मल्होत्रा ने साजिश व धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। डीजीपी कार्यालय से आई शिकायत के आधार पर पीजीआईएमएस थाना पुलिस ने गत सप्ताह डायरेक्टर डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. तराना, उनके पति डॉ. शलेंद्र अग्रवाल, डॉ. रमेश जैन और डॉ. मनोज गोयल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। इसी मामले को लेकर शुक्रवार सुबह विभिन्न सामाजिक और व्यापारी संगठनों के लोग इकट्ठा होकर राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर के आवास पर पहुंचे, लेकिन वहां पर मंत्री के नहीं मिलने पर सभी जुलूस के रूप में उनके कार्यालय पर पहुंचे। कुछ देर बाद राज्यमंत्री वहां पर पहुंच गए। इस दौरान लोगों ने मांग करते हुए कहा कि मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस और कुछ नेता इसे दबाने में लगे हुए हैं।
पुलिस का रवैया भी ठीक नहीं है। इसीलिए जांच में देरी की जा रही है। लोगों ने मांग करते हुए कहा कि डायरेक्टर डॉ. राकेश गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज है। आशंका है कि वह जांच प्रभावित कर सकते हैं। इसीलिए उन्हें पद से हटाया जाए और जल्दी से जल्दी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से जांच करेगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। जांच को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। डॉ. प्रवीण को मिले सुरक्षा, बताया जान का खतरा लोगों ने मांग करते हुए कहा कि इस मामले के बाद डॉ. प्रवीण मल्होत्रा की जान को खतरा है। इसीलिए उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा सामाजिक व्यापारिक संगठनों के लोगों ने डायरेक्टर डॉ. राकेश गुप्ता को पद से हटाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाने की भी घोषणा की।
इन संगठनों ने किया प्रदर्शन प्रदर्शन करने वालों में पालिका बाजार एसोसिएशन के प्रधान गुलशन निझावन, किला रोड एसोसिएशन के प्रधान बिट्टू सचदेवा, हरिओम सेवा दल के संजय खुराना, हरियाणा पंजाबी स्वाभिमान संघ के हेमंत बख्शी, अर्थ संस्था से मुन्नी गोदारा, बजरंग दल, रोहतक टेलर एसोसिएशन, माता दानो देवी ट्रस्ट, रोहतक ब्लाक सरपंच एसोसिएशन, कच्चा बेरी रोड से बल्ली अग्रवाल, रुड़की के सरपंच शमशेर सिंह हुड्डा और एडवोकेट चेतना अरोड़ा आदि शामिल रहे। वर्जन ये सब जांच अधिकारी पर दबाव बनाना चाहते हैं। उनकी शिकायत पर मामला दर्ज हो गया है।
इस तरह दबाव बनाने की बजाय अपने तथ्य पेश करें। जांच प्रक्रिया में समय लगता है। इसीलिए बेहतर यही है कि जांच अधिकारी को प्रक्रिया के तहत काम करने दिया जाए। - डॉ. तराना गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर मेडिसिन विभाग। मामले को लेकर डायरेक्टर डॉ. राकेश गुप्ता व अन्य के खिलाफ पीजीआईएमए थाने में केस दर्ज है। डायरेक्टर पद पर रहते हुए जांच को प्रभावित कर सकते हैं इसीलिए उन्हें जांच होने तक पद से हटाने की मांग की गई है। वहीं, कुछ लोग मामले को दबाने की कोशिश में लगे हुए हैं। -डॉ. प्रवीण मल्होत्रा, विभागाध्यक्ष, गैस्ट्रोएनट्रोलॉजी।