मेडिकल मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती युवक की मौत के बाद जमकर
हंगामा हुआ। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। करीब
दो घंटे तक हुए हंगामे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को
कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मृतक झज्जर जिले के पैलपा गांव का निवासी था।
एक फरवरी को सड़क दुर्घटना के बाद मेडिकल मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में
भर्ती किया गया था। मृतक के भाई मनोज कुमार ने बताया कि उसके छोटे भाई 35
वर्षीय प्रमोद पांचाल का एक फरवरी की शाम को याकुबपुर के पास गुड़गांव रोड
पर एक्सीडेंट हुआ था। प्रमोद को रात करीब साढ़े नौ बजे रोहतक लाया गया।
यहां ऑस्कर अस्पताल में भर्ती किया गया।
मनोज ने आरोप लगाया कि उसके भाई का
इलाज शुरू किया, लेकिन सुधरने के बजाय उसकी हालत ज्यादा खराब होती गई।
मनोज ने अस्पताल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी उसका भाई होश में
आता तो दर्द से तड़पता था, डॉक्टर उसे नशे का इंजेक्शन लगा देते थे।
जिससे
वह फिर सो जाता था। जब हालत ठीक नहीं हुई तो हमने उसे कहीं और ले जाने की
बात कही, लेकिन डॉक्टर वक्त मांगते रहे। साथ ही उसके ठीक होने की बात भी
कहते रहें। मनोज ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने गंभीर लापरवाही बरती और
जिससे शनिवार को प्रमोद की मौत हो गई।
जमकर हुआ हंगामा
प्रमोद की
मौत होने के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। करीब दो घंटे तक चले हंगामे
के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन,
परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे।
पुलिस
ने पीड़ित पक्ष से लिखित में शिकायत ली और कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों
को शांत किया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पीजीआई भेजा गया।
मनोज ने बताया कि एक्सीडेंट की शिकायत थाने में पहले से दर्ज है। हालांकि
अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरतते हुए शुक्रवार को पुलिस को इसकी सूचना
दी। मनोज ने बताया कि प्रमोद की एक 8 वर्षीय बेटी है और पत्नी मुक्ता
गर्भवती है।