कान्ही-घिलौड़ रोड बाईपास पर बृहस्पतिवार को इंसानियत शर्मसार हो गई।
लकड़ी लेकर जा रहे युवक की हादसे में मौत हो गई और लोगों ने मदद की बजाय
लकड़ी चोरी कर ली। धामड़ गांव का महावीर अपने बेटे कुलदीप (24) के साथ
बृहस्पतिवार सुबह लगभग 6 बजे ट्रैक्टर-ट्राली में लगभग 80 कुंतल लकड़ी लेकर
गोहाना बेचने जा रहे थे। ट्रैक्टर को कुलदीप चला रहा था।
कान्ही-घिलौड़
रोड बाईपास पर पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे कुलदीप सड़क पर गिर
गया और उसके पिता साइड में गिर गये। ट्रक चालक कुलदीप के ऊपर से ट्रक
चढ़ाते हुए भाग निकला, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। कुलदीप के पिता ने
पास ही घिलावड़ चौकी पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना लगते ही गांव के कुछ
लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गई। महावीर को घायल हालत में उपचार और कुलदीप
के शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई लाया गया। इस बीच गाड़ी में लदी 80
कुंतल लकड़ी चोरी हो गई। इस मामले में परिजनों ने घिलावड़ चौकी पुलिस पर
आरोप लगाया और लकड़ी चोरी करने वालों पर कार्रवाई के लिए एसपी के पास
पहुंचे।
इंसानियत शर्मसार, लकड़ी हो गई चोरी
वहां हादसा होने से
कुलदीप की मौत हो गई और जब उसके पिता महावीर शुक्रवार को वहां पहुंचे तो
पता चला कि ट्राली से पूरी लकड़ी चोरी कर ली गई है। आसपास पूछताछ करने पर
पता चला कि कुछ लोग लकड़ी लेकर जाते हुए देखे गये हैं, लेकिन उनको कोई
जानता नहीं है। महावीर ने पास ही पुलिस चौकी पर जाकर पुलिस से लकड़ी के
बारे में पूछा तो वह भी कुछ नहीं बता सके। महावीर ने उनसे कहा कि लकड़ी को
उन्होंने अपनी सुपुर्दगी में लिया हुआ था तो वह चोरी कैसे हो गई?
एसपी ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
इस
मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को महावीर के साथ ही गांव के
वजीर सिंह, रणधीर, दलेल सिंह, होशियार सिंह, धर्मपाल सिंह, रमेश, राजू,
रामकुमार, सुशील, चांद, सुनील, अतर सिंह, सोनू, ईश्वर, बलराज सिंह,
रामचन्द्र, बलवार, सूरजभान पंच आदि एसपी के पास पहुंचे और उनको पूरा मामला
बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई। एसपी शशांक आनन्द ने उनको सदर थाने में
भेज दिया और पुलिस को मामले में कार्रवाई करने के आदेश दिये। एसएचओ ने
लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।