हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार के सुसाइड केस में एक नया वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें आरोपी गनमैन सुशील कुमार शराब कारोबारी प्रवीण बंसल के कार्यालय में नजर आ रहा है। यह वीडियो 9 जुलाई 2025 का सीसीटीवी फुटेज बताया जा रहा है, जो सुशील द्वारा रिश्वत की मांग के आरोपों को और मजबूत करता है। स्थानीय पुलिस ने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, जबकि चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी जांच में जुटी हुई है।
इस केस की शुरुआत जून 2025 में हुई, जब शराब कारोबारी प्रवीण बंसल ने आईजी ऑफिस से फोन प्राप्त किया और सुशील कुमार से मिलने का आदेश मिला। बंसल के अनुसार, सुशील ने उन पर हर महीने 2.5 लाख रुपये की रिश्वत का दबाव बनाया, दावा करते हुए कि यह राशि तत्कालीन रोहतक रेंज आईजी पूरन कुमार के लिए है। बंसल ने धमकी का सामना किया और बाद में 6 अक्टूबर को अर्बन एस्टेट थाने में सुशील के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत के साथ ही ऑडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज भी सौंपा गया, जिसमें सुशील बंसल के ऑफिस में पैसे की मांग करता दिखाई दे रहा है।
पूछताछ के दौरान सुशील ने स्वीकार किया कि वह पूरन कुमार के निर्देश पर राशि वसूल रहा था। सुशील को 6 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके ठीक एक दिन बाद, 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर पूरन कुमार ने खुद को गोली मार ली। घटनास्थल से 9 पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उन्होंने 8 आईपीएस और 2 आईएएस अधिकारियों पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का आरोप लगाया। नोट में अपनी संपत्ति पत्नी अमनीत पी. कुमार (आईएएस अधिकारी) के नाम करने की वसीयत भी थी।
केस में और ट्विस्ट
पूरन कुमार के सुसाइड के 8 दिन बाद, 14 अक्टूबर को रोहतक साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर ने भी खुद को गोली मार ली। संदीप सुशील की गिरफ्तारी वाली टीम का हिस्सा थे और चंडीगढ़ एसआईटी द्वारा उनसे पूछताछ की गई थी। उनके 3 पेज के सुसाइड नोट और वीडियो में उन्होंने पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार और जातिवाद फैलाने के आरोप लगाए। इस सुसाइड के बाद रोहतक सदर थाने में एफआईआर दर्ज हुई, जिसमें पूरन की पत्नी अमनीत, उनके साले (पंजाब AAP विधायक अमित रतन) और सुशील समेत चार नाम शामिल हैं। एफआईआर में आत्महत्या के लिए उकसाने (बीएनएस धारा 108) और आपराधिक साजिश (धारा 61) के आरोप हैं।