नगर निगम प्रशासन ने साल 2017-18 का बजट तैयार कर लिया है। प्रस्तावित बजट में अफसरों और सफाई ठेकेदारों पर खूब मेहरबानी की गई है। पिछले साल अफसरों के वेतन और आफिस के रख-रखाव पर 45 करोड़ 95 लाख खर्च किए गए, जबकि नए साल में इसी मद में 44 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है। वहीं, शहर में सफाई के नाम पर ठेकेदारों पर सात करोड़ रुपये खर्च किये गए और नए साल में भी इस मद में आठ करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है।
तीन दिन पहले नगर निगम अधिकारियों और पार्षदों के बीच मेयर कार्यालय में मीटिंग हुई थी। इस बैठक में नए साल के बजट पर चर्चा की गई थी। पार्षदों के सुझाव और आला अधिकारियों से बातचीत करके निगम ने शुक्रवार को बजट को अंतिम रूप दिया। अब इसकी कापी मेयर और पार्षदों को भेजी गई है। मेयर और पार्षदों की स्वीकृति के बाद इसे फाइनल किया जाएगा। हालांकि 28 को होने वाली निगम के हाउस की मीटिंग में बजट को पास करवाने की चुनौती रहेगी। बोर्ड की बैठक में प्रस्तावित बजट पर हंगामा होने के पूरे आसार हैं।
कहां कितने खर्च किए
2016-17 2017-18
वेतन व स्टाफ रखरखाव 45 करोड़ 95 लाख 44 करोड़
सफाई व स्वास्थ्य 7 करोड़ 1 करोड़
लाइब्रेरी, फायर, गार्डनिंग व अन्य 1 करोड़ 70 लाख 2 करोड़ 20 लाख
एमआईसी खर्च 9 करोड़ 54 लाख 7 करोड़ 35 लाख
स्लम एरिया में विकास कार्य 6 करोड़ 50 लाख 3 करोड़
वाहन खरीद 50 लाख शून्य
एडवांस जमा 2 करोड़ 2 करोड़
सर्विस टैैक्स 30 लाख 30 लाख
सेस खर्च 75 लाख 75 लाख
सर्वे व प्लानिंग खर्च 50 लाख 50 लाख
कुल खर्च 74 लाख 74 हजार 86 लाख 10 हजार
ठेके पर 8 करोड़ में सफाई कराएगा निगम
नगर निगम नए साल में ठेके पर 8 करोड़ रुपये की सफाई करवाएगा। साल 2016-17 में चार प्रमुख रोड की सफाई करने पर ठेकेदार को 4 करोड़ 62 लाख दिए गए। जबकि कूड़ा लिफ्टिंग पर 1 करोड़ 68 लाख, डेयरियों का गोबर उठाने पर 1 करोड़ 51 हजार, 20 मिनी ट्रक रिपेयर व अन्य पर 1 करोड़ 80 लाख, नाला सफाई कर्मियों के वेतन पर 1 करोड़ 20 लाख, पशु पकड़ने वाली पार्टी पर 1 करोड़ 20 लाख, बंदर पकड़ने पर 1 करोड़ 20 लाख, सफाई के सामान पर 1 करोड़ 20 लाख व सफाई कर्मियों की वर्दी पर 2 करोड़ खर्च किए गए।