कोच : मै क्या चाहता हूं तुझे पता है क्या, मै क्या क्या सुन रहा हू तेरे बारे में
पीड़िता : मेरे बारे में क्या सुन रहे हो
कोच : तेरे चक्कर में मेरा कमरा तक छुट गया
पीड़िता : फिर मै वो नहीं कर सकती सर।
कोच : इंटरनेशन नहीं खेल पाएगी तू
पीड़िता : पहले तो आपने ले जाने का वादा किया था
कोच : अब मेरा मूड खराब है
पीड़िता : घर वाले पूछ रहे है कि क्या बात है डर मत
कोच : अगर मै अपनी जिद पर आ गया तो कुछ भी कर दूंगा
पीड़िता : सर वह मेरा दोस्त है।
कोच : मै तेरा नुकसान नहीं चाहता जब मै चाहूंगा तू जाएगी, सभी लड़कियां गलत हो रही हैं।
कोच : तू टेंशन मत ले। मेरा फ्लैट है शहर में
पीड़िता : सर मै वो नहीं कर सकती
कोच : मेरी बात मानोगे तो इंटरनेशनल तक खिलाऊंगा
कोच
: ठीक है (एक लड़की का नाम लेते हुए)... को खिला दूंगा, अगर हरियाणा से
लड़की जाएगी तो वो लड़की जाएगी, तू नहीं। उसने मेरी मदद की है। उसने सारी
बातें बताई। उसका एहसान है मेरे पर। चाहे उसका मैडल भी न आए। वही जाएगी।
पीड़िता : मैने बहुत कुछ किया है आपके लिए
कोच
: तू ट्रेनिंग अच्छी तरह से कर। ये बातें किसी को बताने की नहीं होती।
मैने तेरे लिए दस नाम कैंसिल कर दिए। मणिपुर ऐसी जगह है जहां खड़े होकर
हराया जाता है। ट्रेनिंग अच्छी करना। तू नई है पुरानी लड़कियां भी
भिड़ेंगी। घरवालों को बोल दे कि तू खेेलेगी।
पीड़िता : मै बहुत दुख पा रही हूं। सर मेरे लिए तो गेम ही सब कुछ है।
कोच:
ऐसा क्यों कहती है, मेरे लिए तो तू ही सब कुछ है। तू मेरी बात मान और
खेलने की तैयारी कर। मैं तेरे लिए यह 2500 रुपये का ट्रैकसूट लाया हूं।