बहादुरगढ़-रोहतक टोल एक्सप्रेस-वे की लापरवाही ने बुधवार अल सुबह पीजीआईएमएस के एक एमबीबीएस इंटर्न की जान ले ली। जबकि एक एमबीबीएस छात्र और उसके साथी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायलों का उपचार पीजीआईएमएस में किया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक बुधवार तड़के करीब 3 बजे पीजीआईएमएस में एमबीबीएस के इंटर्न बैच-2011 निवासी पानीपत माडल टाउन डॉ. साहिल दुरेेजा, इस्माइला गांव के आशीष उर्फ आशु 2007 बैच एमबीबीएस अंतिम वर्ष और रेवाड़ी के डॉ. कृष्ण कुमार बाइक से रोहतक की तरफ आ रहे थे। एक बाइक पर साहिल दुरेजा थे और दूसरी बाइक पर कृष्ण और आशु थे। जैसे ही उनकी बाइक गांधरा मोड़ पर पहुंची तो उनकी बाइक सड़क पर पड़े मिट्टी के ढेर पर चढ़ गई। अंधेरा होने के कारण दोनों बाइक चालक सड़क पर पड़े मिट्टी के ढेर को देख नहीं पाए। गति तेज होने के कारण तीनों डॉक्टर झटके से सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में साहिल के सिर में गहरी चोट आई। उनका सिर रॉड में जा लगा। साथ ही अन्य दोनों भी खून से लथपथ हो गये। कुछ देर में साहिल की मौके पर ही मौत हो गई। एंबुलेंस से तीनों को पीजीआईएमएस लाया गया, जहां साहिल को मृत घोषित कर दिया, जबकि कृ ष्ण और आशु को गंभीर अवस्था में दाखिल कर लिया गया है। पुलिस ने साहिल का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
ऐसे लगा मिट्टी का ढेर
दरअसल, पांच जुलाई की सुबह मिट्टी लादकर एक ट्रक रोहतक से दिल्ली की तरफ जा रहा था। जैसे ही वह गांधरा मोड़ पर पहुंचा तो अनियंत्रित होकर पलट गया। ट्रक की मिट्टी निकालने के बाद क्रेन की मदद से सड़क से हटाया गया। उसके बाद से मिट्टी सड़क पर ही पड़ी है। मिट्टी के ढेर के पास कोई साइन बोर्ड नहीं लगाया गया है। बताते हैं कि इस जगह पर पिछले दिनों से कई हादसे हो चुके हैं।
इस्माइला रुकते तो नहीं होता हादसा
जानकारी के अनुसार हादसे में घायल डॉ. आशु इस्माइला गांव के रहने वाले हैं। वह दोस्तों के साथ गांव में आते-जाते रहते थे। मंगलवार को भी वह कृष्ण और साहिल के साथ गांव गये थे। खाना खाने के बाद वापस आने में देरी हो गई तो उन्होंने साथियों को घर पर रुकने का आग्रह किया, मगर किसी ने उनकी बात नहीं मानी। यदि सभी वहीं रुक गये होते हादसे से बच जाते।
टोल कंपनी पर जड़े आरोप
डाक्टरों के परिजनों ने टोल कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि कंपनी की ओर से राहगीरों से भारी भरकम टोल वसूला जाता है। इसके बावजूद रोड पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। सड़क से मिट्टी का न हटाया जाना और न ही इसके आसपास चेतावनी बोर्ड लगाया जाना टोल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। घायल आशु के परिजनों ने कहा कि टोल टैक्स वसूलने वाली कंपनी की जिम्मेदारी है कि वह अपने क्षेत्राधिकार की सड़क का रखरखाव करे और व्यवस्था दुरुस्त रखे। लेकिन कंपनी ने सड़क से मिट्टी हटाने की जहमत नहीं उठाई। पीड़ित पक्ष ने कहा कि वे टोल कंपनी के खिलाफ शिकायत देंगे।